
दंगा भड़काना चाहती है भाजपा
लखनऊ।प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने जनाक्रोश रैली में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। शिवपाल यादव ने कहा कि भाजपा ने देश को कमजोर किया है। हम भाजपा को देश और प्रदेश से हटाएंगे। हम शांति और भाईचारा चाहते हैं लेकिन सांप्रदायिक लोग दंगे भड़काना चाहते हैं।
शिवपाल ने कहा कि साल 1992 में भाजपा सरकार द्वारा सुरक्षा की गारंटी का हलफनामा देने के बावजूद बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया गया था। वह देश में फिर से वही आग फैलाना चाहती है। आज लोग मुसलमान का नाम लेने में घबराने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली 25 नवंबर को अयोध्या में ‘धर्म सभा’ के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी लेकिन प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के लोग सड़कों पर निकल पड़े थे कि हम अयोध्या में दंगा नहीं होने देंगे।
शिवपाल ने आगे कहा कि वर्तमान की बेईमान, निकम्मी और झूठी सरकार को हटाने की आवश्यकता है। हम और नेता जी (मुलायम सिंह यादव) मुसलमानों के साथ खडे़ हैं। हम कर्मचारियों को पुरानी पेंशन भी देना चाहते हैं। वादा करते हैं कि हम पुरानी पेंशन दिलाने का काम करेंगे। संविदाकर्मियों को भी समायोजित करने की दिशा में वह गंभीरता से प्रयत्न करेंगे।शिवपाल सिंह यादव आज लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में जनाक्रोश रैली के जरिए अपने दमखम का इजहार करेंगे। वहीं इस सभा में सपा के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव ने शामिल होकर सभी को चैंका दिया है। भतीजे अखिलेश यादव से अनबन के चलते सपा से दूरी बना चुके शिवपाल रैली के जरिए विरोधियों को ना सिर्फ अपनी ताकत का अहसास कराएंगे बल्कि अपने नए नवेले दल को लोकसभा चुनाव के लिए तैयार करेंगे। शिवपाल की रैली को लेकर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस दौरान मंच पर मुलायम सिंह यादव, शिवपाल सिंह यादव, अपर्णा यादव, राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव, एमएलसी मधुकर जेटली, पूर्व मंत्री शादाब फातिमा, शारदा प्रताप सिंह व पूर्व विधायक राजेंद्र यादव मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि सभा में 50 के करीब पूर्व विधायक और एमएलसी पहुंचे हैं। वहीं मैदान में भारी भीड़ जुटी है। राजधानी लखनऊ के आशियाना स्थित रमाबाई आंबेडकर मैदान में रविवार 9 दिसंबर को जनाक्रोश रैली 2018 का आयोजन किया गया। इस विशाल रैली में हजारों की भीड़ इकठ्ठा हुई थी। रैली में मुख्य अतिथि के तौर पर समाजवादी सेकुलर मोर्चा के संस्थापक और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव मौजूद रहे। इस रैली में करीब 100 पूर्व विधायकों ने सदस्यता ग्रहण की। साथ ही कुछ बड़े नेताओं ने रैली स्थल पर ही पार्टी की सदस्यता ली। शिवपाल ने कहा कि प्रसपा (लोहिया) ने राजधानी में पहली रैली के जरिये इतिहास रच दिया। बता दें कि शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी में उपेक्षा से क्षुब्ध होकर पहले समाजवादी सेकुलर मोर्चा और फिर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाई। सभी 75 जिलों में संगठनात्मक ढांचा खड़ा किया। फ्रंटल संगठनों को सक्रिय किया। महारैली मुद्दों व जन आक्रोश पर केंद्रित रही।
शिवपाल ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की रैली नहीं है बल्कि जन साधारण के आक्रोश को स्वर दे रही है। प्रदेश-देश, किसानों, नौजवानों के सामने तमाम चुनौतियां खड़ी है। शिवपाल भले ही दावा करें कि उन्होंने मुलायम सिंह यादव से अनुमति लेकर नई पार्टी बनाई है लेकिन रविवार की महारैली में उनके आने पर संशय बना हुआ था। मुलायम सिंह पिछले दिनों शिवपाल व अखिलेश यादव के बीच संतुलन बनाए हुए थे। वह सपा दफ्तर भी जा रहे थे और प्रसपा के दफ्तर भी चले गए थे। 8 दिसंबर को फिरोजाबाद में अखिलेश यादव व रामगोपाल यादव के साथ कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने सपा के साथ रहने का संकेत दे दिया है। यूपी के जेहन में सवाल हैं और उम्मीद शिवपाल हैं, फिर थाम संघर्ष की मशाल, आपके लिए निकल पड़े शिवपाल, हजार सवाल-एक जवाब शिवपाल। इस तरह के नारे लिखे होर्डिंग्स से राजधानी पट चुकी है। रविवार को समाजवादी सेकुलर मोर्चा के अध्यक्ष व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव की जनाक्रोश रैली आयोजित हुई। अलग मोर्चा व अलग पार्टी बनाने के बाद राजधानी लखनऊ में शिवपाल के पहले सियासी शो में भारी भीड़ जुटी थी। रैली के लिए रमाबाई अंबेडकर मैदान और आसपास का इलाका पार्टी के झंडों, बैनरों, होर्डिंग्स व पोस्टरों से सजाया गया था। कहा जाता है कि रमाबाई मैदान को बसपा के अलावा कोई और दल भर नहीं पाता है। रविवार को जुटने वाली भीड़ ने शिवपाल का राजनीतिक कद तय कर दिया। भीड़ जुटी तो उनके समर्थक उत्साहित होकर लौटे। रैली में आम लोगों के साथ ही बड़ी तादाद में बुद्धिजीवी व शिक्षाविद् भी शामिल हुए। शिवपाल ने कहा कि बदलते संदर्भ में गांव, देश व समाज के हालात बदल गए हैं।
तीन दशक पहले जो चुनौतियां थी, तब और अब की स्थिति बहुत बदल चुकी है। ऐसे में सामाजिक न्याय की लड़ाई को नए संदर्भ में देखना होगा। हम सामाजिक विकास में पिछड़ गए जातीय समूहों और वर्गो को अपने साथ जोड़ना चाहते हैं। समाजवाद और सेकुलरिज्म हमारी पार्टी की सोच के अभिन्न हिस्से हैं। हम किसानों, नौजवानों, महिलाओं व छात्रों को केंद्र में रखकर समाज, राज्य व राष्ट्र के विकास की रणनीति पर काम करेंगे। सतत और रोजगारपरक विकास हमारा मुख्य एजेंडा है। दरअसल, शिवपाल को जमीनी नेता और अच्छा संगठनकर्ता माना जाता है। वह लंबे समय तक सपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। मंत्री, नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। दशकों से सहकारिता की राजनीति से जुड़े हैं। प्रदेश भर में उनका नेटवर्क है। वह बड़ी रैलियां कराते रहे हैं। यह पहला मौका है जब वह सपा से अलग होकर रैली कर रहे हैं
https://rashtriyadinmaan.com
