पेंशन समिति की हीलाहवाली जारी, पेंशन बहाली मंच ने लिया जनवरी से फिर आन्दोलन का निर्णय


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फरवरी में अनिष्चितकालीन हड़ताल का निर्णय

लखनऊ,। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच की तीन दिवसीय हड़ताल के और महारैली के बाद पुरानी पेंशन बहाली के लिए बनाई गई आठ सदस्यीय समिति की अब तक की सभी वार्ताओं से नाराज पुरानी पेंशन बहाली मंच की आज हुई बैठक में सरकार के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर करते हुए मंच के नेताओं ने एक बार फिर बड़े आन्दोलन का निर्णय लिया है। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने आज प्रदेष के लगभग 120 संघ, संगठनों और महासंघों के प्रदेष अध्यक्ष एवं प्रदेष मंत्रियों की उपस्थिति में लिया। संघ भवन डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोक निर्माण विभाग में आयोजित इस प्रदेष स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी जनवरी 2019 की ष्षुरूआत में प्रदेष में पुरानी पेंशन बहाली के लिए उच्च पदाधिाकारियों द्वारा प्रदेष का दौरा कर जनजगारण अभियान के उपरान्त अंतिम सप्ताह में प्रदेष जनपद मुख्यालयों सहित राजधानी में एक दिवसीय धरना तथा सांध्यकाल में मषाल जुलुस निकाल कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। जबकि फरवरी में उच्चाधिकार समिति की बैठक कर दूसरे सप्ताह से अनिष्चितकालीन हड़तालष्षुरू कर दी जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष डा. दिनेष चन्द्रष्षर्मा एवं संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री षिवबरन सिंह यादव ने की। बैठक को सम्बोधित करते हुए मंच के प्रदेष अध्यक्ष डा. दिनेषचन्द षर्मा ने कहा गया कि अब यह आन्दोलन बिना पुरानी पेंषन बहाल कराये रूकने वाला नही है।

कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक हरिकिषोर वितारी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली पर सरकार की ‘‘ असंवेदनषीलता ’’ पर कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी आक्रोषित है। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी शान्तिपूण्र्र तरीके से हड़ताल पर जाएगें इस दबाने या कुचलने और उत्पीड़न और उकसाने का प्रयास सरकार या शासन तंत्र ने किया तो इसके परिणाम स्वरूप जो स्थिति उत्पन्न होगी उसके लिए सरकार और शासन ही जिम्मेदार होगा। क्योकि मंच ने एक सम्मान जनक समय प्रदेष सरकार को प्रदेष के मुखिया के साथ हुई सौहार्दपूर्ण वार्ता और पुरानी पेंषन बहाली के लिए तत्काल समिति बनाए जाने के निर्णय के बाद दिया था लेकिन मंच समिति की अब तक की बैठकों से तनिक भी संतुष्ट नही है। भारत के संविधान में अपने उत्पीड़न, हक पर डाके के खिलाफ प्रदर्शन का पूरा अधिकार है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संगठन मंत्री संजीव गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रदेश के कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी को उनके हक और अधिकार से वंचित नही कर सकती। हम लगातार संवेदनषील तरीके से अपनी मांग को रख रहे है। इस एक सूत्रीय मांग का असर अब अन्य प्रान्तों में भी दिखाई पड़ने लगा है। हमें पूरा विष्वास है कि हम अपनी पुरानी पेंषन वापस लेकर ही वापस लौटेगे।

बैठक को डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष इं. राकेश त्यागी, डी.एन.सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेष अवस्थी शिक्षक संघ के संजय सिंह, शिवशंकर पाण्डेय, देवेन्द्र श्रीवास्तव, वंदना श्रीवास्तव, सुधीर पावर, अटेवा के पूर्व प्र्रान्तीय मंत्री प्रदीप कुमार सिंह, बलराम सिंह, निखिल शुक्ला, अनुज शुक्ला,आईएन त्रिपाठी, ,यादवेन्द्र मिश्रा, ओंकार नाथ तिवारी,अखिलेष अग्निहोत्री, आनंद वर्मा, रामअचल, अर्जुन यादव,रामफेर पाण्डेय,त्रिलोक सिंह ,संतोष तिवारी, अमित सिंह प्रातींय चिकित्सक सेवा संघ, एच.एन. मिश्रा, रामनरेष यादव, अमिता त्रिपाठी, अविनाश चंद श्रीवास्तव, वी.एस. डोलिया, कमलेष वर्मा, बलराम सिंह, नरेन्द्र सिह नेगी, महामंत्री सांख्यिकी परिसंघ रामनगीना सिंह, अमरजीत मिश्रा, गौतम त्रिपाठी, अवधेश मिश्र, डा. वी.एस. चैहान, एन.पी. त्रिपाठी, अजय ंिसह वित्त विहीन शिक्षक संघ, विवेक द्विवेदी, इं. एन.डी. द्विवेदी,इं. वी.केे. कुषवाहा इं. दिवाकर राय, किरन कुमारी दुबे इं. एस.पी. गुप्ता, इं. एस.डी. द्विवेदी, डा. वी.एस. चैहान, नरेन्द्र नेगी, रामनागीना,राममूरत यादव, गौतम त्रिपाठी,प्रेम कुमार सिंह, सत्यप्रकाश मिश्रा,सुरेष सिंह यादव, खादी बोर्ड के ब्रजेश मिश्रा, हरिगेन्द सिंह , अवधेश कुमार, राकेश पाण्डेय, रतन लाल, कामत प्रसाद, शिवराम, रमेश कटियार, प्रभात मिश्रा, सुधाॅषु मोहन,दिनेश श्रीवास्तव, अतुल टण्डन, कमलेश मिश्र, उर्मिला राय,इं. देषराज, सुनीता गौतम,सहित लगभग सौ से अधिक महासंघ, परिषद, एसोसिएशन के पदाधिकारियो ने इस महाबैठक में भाग लिया।


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