कर्मचारी कल्याण निगम की कैन्टिन से स्टेट जीएसटी समाप्त होगी


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वेतन तथा अन्य भरपाई के लिए मुख्यसचिव ने लिया बड़ा निर्णय

लखनऊ । राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिषोर तिवारी और महामंत्री शिवबरन सिंह यादव के नेतृत्व में कर्मचारी कल्याण निगम प्रतिनिधि मण्डल की मुख्य सचिव के साथ हुई वार्ता काफी सार्थक रही। मुख्य सचिव ने इस मामलें में अपने स्तर पर राहत देते हुए कर्मचारी कल्याण निगम द्वारा बेची जाने वाली समस्त वस्तुओं से स्टेट जीएसटी हटाने तथा कर्मचारियेां के वेतन अन्य मद पर होने पर वाले खर्च की भरपाई सरकार स्तर पर का प्रस्ताव मांगा है।

परिषद के मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के 20 लाख से अधिक राज्य कर्मियों/सेवानिवृत्त कर्मियों व उनके आश्रितों को बाजार दर से कम तथा सस्ती दरों पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थित अपने डिपोज के माध्यम से दैनिक उपभोग की वस्तुयें उपलब्ध कराने वाले उ.प्र. राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को भारत सरकार द्वारा जुलाई 2017 से जीएसटी लागू किये जाने के उपरान्त से ही यह सुविधा बंद कर देनी पड़ी है। ज्ञातव्य हो कि पूर्व में इस निगम को बिक्री कर तदोपरान्त व्यापार कर छूट राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गयी थी जिससे प्रदेश के राज्य कर्मियों को सस्ती दर पर दैनिक उपभोग की वस्तुयें उपलब्ध करा सकें। जीएसटी लागू होने के उपरान्त सेना की कैन्टीनों को कर मुक्त सामान उपलब्ध कराने हेतु जीएसटी से छूट प्रदान कर दी गयी, परन्तु कल्याण निगम को जीएसटी छूट न प्रदान कर सुविधा से वंचित कर दिया गया। फलतः प्रदेश में चल रहे 161 से अधिक डिपोज घाटे मे ं चले गये तथा उनमें निगम में नियुक्त 750 से अधिक निगम कर्मियों को ससमय वेतन मिलना मुश्किल हो गया है।

विगत कई महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है जिससे वह भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं। निगम को घाटे से उबारने तथा उनके कर्मियों को वेतन का भुगतान ससमय हो एवं प्रदेश के 20 लाख से अधिक कर्मियों को पूर्व की भांति बाजार दर से सस्ता एवं जीएसटी/एसजीएसटी से छूट मिल सके।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी द्वारा म मुख्य सचिव, उ.प्र. शासन अनूप चन्द्र पाण्डेय को अवगत कराते हुए संबंधित अधिकारियो ं के साथ में बैठक कर वार्ता हेतु बल दिया। फलस्वरूप मुख्य सचिव, उ.प्र. शासन अनूप चन्द्र पाण्डेय ने प्रमुख सचिव, खाद्य तथा रसद श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा, प्रमुख सचिव कर निबन्धन एवं वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ अधिशासी निदेशक, उ.प्र. राज्य कर्मचारी कल्याण निगम अशोक कुमार श्रीवास्तव के साथ बैठक की गयी।

बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी, महामंत्री शिव बरन सिंह यादव, वरिष्ठ पदाधिकारी जी.एन. सिंह, संगठन मंत्री संजीव गुप्त के अलावा उ.प्र.राज्य कर्मचारी कल्याण निगम संयुक्त संघर्ष मोर्चा, उ.प्र. के अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी, महामंत्री हैदर अली अंसारी, पदाधिकारी खुर्शीद अनवर, दिनेश चन्द्र पंत उपस्थित थे। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी व महामंत्री शिव बरन सिंह यादव ने राज्य कर्मियों को कल्याण निगम के माध्यम से मिलने वाली कर छूट सामान पर 1965 से मिलने वाली सुविधा को अचानक से बंद किये जाने पर आक्रोश व्यक्त किया गया तथा यह कहा गया कि यह सुविधा राज्य कर्मचारियों को पूर्व की भांति मिलनी चाहिए तथा निगम को घाटे से उबराने का हर सम्भव प्रयास शासन द्वारा करते हुए निगम को राज्य सरकार द्वारा एसजीएसटी से छूट/प्रतिपूर्ति तत्काल किया जाए। मुख्य सचिव द्वारा निगम को एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति तथा घाटे से उबारने पर सहमति व्यक्त की गयी तथा प्रमुख सचिव, खाद्य तथा रसद श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा को शीघ्र ही प्रस्ताव प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया।


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