
lucknow | उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन के औपचारिक ऐलान के साथ कांग्रेस ने भी लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। पार्टी ने समान विचारधारा वाले क्षेत्रीय दलों के लिए अपने दरवाजे खुले रखे हैं पर साथ ही पार्टी सभी सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। सपा-बसपा गठबंधन के बाद कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने की जिम्मेदारी खुद राहुल गांधी संभालेंगे। राहुल गांधी फरवरी के पहले सप्ताह में लखनऊ में जनसभा के लिए चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दो माह के अंदर पूरे प्रदेश में कुल दस रैलियां होंगी। लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के गठबंधन के औपचारिक ऐलान करने से एक दिन पहले शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद की अध्यक्षता में प्रदेश कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई। बैठक में सपा-बसपा गठबंधन के बाद स्थिति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम सभी सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। राहुल गांधी फरवरी में चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे।
सपा और बसपा ने कांग्रेस को भले ही गठबंधन से अलग रखा हो, पर पार्टी इन दोनों दलों के साथ रणनीतिक तालमेल की संभावनाओं से इनकार नहीं कर रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कुछ सीट पर रणनीतिक तालमेल हो सकता है। माना जा रहा है कि सपा-बसपा अमेठी और रायबरेली में उम्मीदवार घोषित नहीं करे। ऐसे में कांग्रेस भी कुछ सीट पर सामाजिक समीकरण के आधार पर उम्मीदवार नहीं घोषित कर सकती है।
क्षेत्रीय दल
कांग्रेस उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रही है। इसके लिए उसने सभी दलों के लिए अपने दरवाजे खुले रखे हैं। सपा-बसपा गठबंधन में सीट की संख्या को लेकर रालोद की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर एक नेता ने कहा कि यह निर्णय रालोद को करना है। हमारे दरवाजे सभी दलों के लिए खुले हुए हैं। रालोद कांग्रेस की अगुआई में होने वाली विपक्षी दलों की बैठकों में हिस्सा लेता रहा है। ऐसे में सीट को लेकर सपा-बसपा के साथ बात नहीं बनती है, तो कांग्रेस का हाथ थाम सकता है।
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