
नई दिल्ली | आर्थिक तंगी की वजह से जेट एयरवेज ने अस्थायी रूप से परिचालन बंद करने की घोषणा कर दी है। बैंकों द्वारा 400 करोड़ रुपये का इमर्जेंसी फंड देने से इनकार के बाद कंपनी ने कहा कि सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है। कंपनी के पास ईंधन और अन्य खर्चों के लिए धन की कमी है। आखिरी फ्लाइट आज रात उड़ेगी। कंपनी ने जल्द ही फिर यात्रियों की सेवा कर पाने की उम्मीद जताई है।
नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी ने कर्जदाताओं से 400 करोड़ रुपये इमर्जेंसी फंड की मांग की थी, लेकिन एसबीआई की अगुआई वाले कर्जदाताओं के समूह ने कंपनी का प्रस्ताव ठुकरा दिया। कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रही कंपनी के पास शटरडाउन के अलावा कोई विकल्प नहीं बच गया था। ईटी नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इस मामले में अब हस्तक्षेप नहीं करेगी। बताया जा रहा है कि कंपनी की आखिरी फ्लाइट आज रात 10:30 उड़ेगी।
मंगलवार को हुई बैठक में कंपनी के बोर्ड ने सीईओ विनय दुबे को आखिरी फैसला लेने के लिए अधिकृत किया था। भारी कर्ज में फंस चुकी कंपनी के 5 ही विमान इस समय संचालन में रह गए थे। 25 साल पुरानी एयरलाइन कंपनी पर 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।
जेट एयरवेज पहले ही अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन को 18 अप्रैल तक स्थगित करने की घोषणा कर चुकी है। जेट एयरवेज ने मंगलवार को कहा है कि उसे एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के गठजोड़ से इमर्जेंसी कैश सपॉर्ट का इंतजार है, जिससे वह अपनी सेवाओं में आ रही गिरावट को रोक सके। बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि वह अपने निदेशक मंडल के साथ विचार विमर्श कर रही है। उसकी आपात नकदी के सहयोग के लिए ऋणदाताओं के साथ बातचीत चल रही है।
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