मुख्यमंत्री ने किसानों को राहत पहुंचाने के लिये सूखा घोषित क्षेत्रों में फसल क्षति की सीमा को 33 प्रतिशत की सीमा से कम करते हुये 20 प्रतिशत करने का सुझाव दिया


प्रधानमंत्रीकी अध्यक्षता में नई दिल्ली में नीति आयोग 
की शासी परिषद की पांचवी बैठक सम्पन्न
 
बैठक को उ0प्र0 के मुख्यमंत्री ने भी सम्बोधित किया

लखनऊ| 
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  की अध्यक्षता में नीति आयोग की शासी परिषद की पांचवी बैठक राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में सम्पन्न हुई। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  सहित केन्द्रीय मंत्रीगण, अन्य मुख्यमंत्रीगण, उपाध्यक्ष नीति आयोग तथा अन्य उपस्थित विशिष्ट महानुभावों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के संकल्प ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ की अवधारणा के अनुरूप जन आकांक्षाओं को पूरा करते हुये प्रदेश को समृद्ध एवं सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिये कृतसंकल्पित है। प्रदेश सरकार को हर क्षेत्र में केन्द्र सरकार का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। प्रदेश सरकार सभी वर्गों, विशेष रूप से किसानों, नौजवानों, महिलाओं, गरीबों, वंचितों, शोषितों एवं समाज के उपेक्षित वर्ग के लोगों के लिए कार्य कर रही है। सरकार के इस कदम से इन वर्गों में आत्मसम्मान व स्वाभिमान की भावना जागृत हुई है और उनका विश्वास प्रगाढ़ हुआ है कि विकास गतिविधियों में वे बराबरी का दर्जा प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता के सर्वांगीण विकास के लिये अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री  ने बताया कि किसानों के लिए बाजार को व्यापक एवं बहुउपयोगी बनाने के लिए मण्डी अधिनियम में संशोधन किया गया। संशोधित अधिनियम में किसानों के खेत से थोक में सीधे खरीद की व्यवस्था, किसानों को अपने उत्पाद पूरे देश में कहीं भी बेचने की व्यवस्था की गई है। किसान अपना उत्पाद देश में कहीं भी बेचने के लिए स्वतंत्र है। यूनीफाइड लाइसेंस से व्यापारियों को पूरे प्रदेश की किसी भी मण्डी में क्रय-विक्रय करने की सुविधा प्रदान की गयी है। सरकार ने निजी क्षेत्र में भी मण्डी स्थापित करने की व्यवस्था की है। इसके साथ ही प्रदेश में ई-ट्रेडिंग की व्यवस्था लागू है तथा मण्डियों को ई-मण्डी के रूप में परिवर्तित करते हुये डिज़िटल भुगतान की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मण्डी शुल्क को 1 लाख रुपए से घटाकर 10,000 रुपए कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने फामर्स प्रोड्यूसर्स आॅर्गनाइजेशन से गेहूं की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा वर्तमान में 100 केन्द्र संचालित हैं। कोल्ड स्टोरेज, साइलो, वेयरहाउस आदि स्थानीय विक्रय स्थलों को सब मार्केट यार्ड घोषित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पूरे प्रदेश में एक ही स्थान पर लेवी लिये जाने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश के भूमि रिकार्ड को पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत कर दिया गया है तथा समस्त भू-लेख रिकार्ड, भू-लेख पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इस पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपना भू-अभिलेख डाटा, भू-अभिलेख की जानकारी आदि प्राप्त कर सकता है। प्रदेश सरकार द्वारा दुग्ध विकास के क्षेत्र में अनेक प्रकार की पहल की जा रहीं है, जिसमें मुख्य रूप से मिल्क जोन का निर्धारण, आधुनिक तकनीक युक्त सुदृढ़ विपणन व्यवस्था के साथ-साथ तकनीकी उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि प्रदेश के चिन्हित 8 महत्वाकांक्षी जनपदों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने हेतु इन जनपदों में रिक्त पदों को प्राथमिकता पर भरने की कार्यवाही सुनिश्चित की गयी है। प्रदेश के कई जनपदों ने नीति आयोग द्वारा की जाने वाली मासिक रैंकिंग में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है और उन्हें पुरस्कृत भी किया गया है। इसके अतिरिक्त बुनियादी शिक्षा एवं अंकगणित में जनपदों द्वारा उल्लेखनीय प्रगति प्राप्त की गयी है, परिणामस्वरूप नीति जनपदों में बच्चों में भाषा से 17 प्रतिशत तथा गणित में 15 प्रतिशत की वृद्धि पाई गयी है।
महत्वाकांक्षी जनपदों में शिक्षा के क्षेत्र में शत-प्रतिशत छात्र नामांकन के लिये विशेष प्रयास किये गये हैं। जनपदों में स्कूल चलो अभियान को जन आन्दोलन के रूप में चलाया गया है। इन जनपदों में प्रदर्शन स्कूलों और बच्चों के अनुकूल पुस्तकालय स्थापित किये जा रहे हैं। इसके अलावा, महत्वाकंाक्षी जनपदों में बीते वित्तीय वर्ष में 10 हजार से अधिक नये शिक्षकों की तैनाती की गयी है। प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर शिक्षा मित्रों को सम्मिलित करते हुये छात्र शिक्षक अनुपात 25ः1 तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर अनुदेशकों को सम्मिलित करते हुये छात्र शिक्षक अनुपात 29ः1 हुआ है।
इसके अतिरिक्त, महत्वाकांक्षी जनपदों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। इस समय विभिन्न संवर्ग के चिकित्सकों के स्वीकृत पदों में से 91 प्रतिशत चिकित्सकों के पद भरे हुये हैं। इन जनपदों में 16 मोबाइल यूनिट कार्यरत हैं, इनके द्वारा माह मई 2019 तक कुल 37175 लाभार्थियों को सेवायें प्रदान की जा चुकी हैं। इसके अलावा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रति जनपद 3 मोबाइल इम्यूनाइजेशन वाहन क्रियाशील हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुझाव दिया कि किसानों को राहत पहुंचाने के लिये सूखा घोषित क्षेत्रों में फसल क्षति की सीमा को 33 प्रतिशत की सीमा से कम करते हुये 20 प्रतिशत कर दिया जाए। इसके अलावा बाढ़ की विभीषिका के समय बाढ़ मेमोरेण्डम के आधार पर परिसम्पत्तियों के रेस्टोरेशन हेतु यदि भारत सरकार द्वारा एक माह के अंदर निरीक्षण कराकर राज्यों को अपेक्षित सहायता प्राथमिकता पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर दी जाये तो इससे राज्यों को राहत मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने आग्रह किया कि एस0डी0आर0एफ0 के अंतर्गत राहत के विभिन्न मदों में वर्तमान में देय सहायता को बढ़ाया जाना उचित होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण व्यवस्था को फसल के स्थान पर भूमि क्षेत्रफल के आधार पर बनाये जाने से किसानों को अधिक साख सीमा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उचित दर विक्रेताओं द्वारा ई-पॉस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि ई-पाॅस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किये जाने के परिणामस्वरूप सब्सिडी की होने वाली बचत में से कुछ अंश कोटेदारों को अनुमन्य लाभांश/मार्जिन मनी की धनराशि बढाने पर विचार किया जाना समीचीन होगा।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित सोनभद्र व चन्दौली जनपदों में तैनात 03-03 सी0आर0पी0एफ0 कम्पनियों की वापसी के आदेश गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिये गये हैं। इस क्षेत्र में नक्सली संचरण पर अंकुश लगाये जाने हेतु अभी भी इनकी नितान्त आवश्यकता है। अतः इनकी वापसी के आदेश पर विचार युक्ति संगत होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केन्द्र तथा राज्य सरकार के समन्वित प्रयास प्रदेश की समस्याओं का ससमय निराकरण करने तथा प्रदेश को नई उँचाइयों पर ले जाने में सहायक होंगे।

Scroll To Top
Translate »