
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने एक ट्वीट कर कहा, मैंने स्वास्थ्य विभाग को दिल्ली सरकार के अस्पतालों में वीआईपी कल्चर को समाप्त करने का निर्देश दिया है। अब वीआईपी लोगों को अस्पतालों में प्राइवेट रूम (Private Rooms) नहीं मिलेंगे, सभी नागरिकों को समान इलाज मिलेगा, जो सबसे अच्छी गुणवत्ता का होगा।”
जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार अपने अस्पतालों में 13,899 बेड बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही सभी अस्पातालों को पूरी तरह वातानुकूलित बनाया जाएगा, जिनमें विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
दिल्लीवालों को अगले छह महीनों में तीन नए अस्पताल मिलेंगे, जिसके जरिए 2800 बेड बढ़ेंगे। द्वारका में पश्चिमी दिल्ली का सबसे बड़ा अस्पताल होगा। यहां नए इंदिरा गांधी अस्पताल की क्षमता 1241 बेड है। इसके अलावा 772 व 600 बेड की क्षमता वाले दो अस्पताल बुराड़ी और अंबेडकर नगर में जल्द बनकर तैयार होने वाले हैं।
सरिता विहार और हस्तसाल में भी अस्पताल खुलेगा : खिचड़ीपुर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में नया मातृ और शिशु ब्लॉक बनेगा, जिसमें 460 बेड होंगे। इसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इसके अलावा चार नए अस्पताल सरिता विहार, मादीपुर, हस्तसाल और ज्वालापुरी में बनेंगे। इनके निर्माण से संबंधित रिपोर्ट आने वाले सप्ताह में एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) के सामने रखी जाएगी। इनके निर्माण का खाका पहले ही तैयार हो चुका है।
वहीं बिंदापुर और सिरासपुर में 100-100 बेड की क्षमता वाले अस्पताल को मंजूरी दी जा चुकी है। इसकी टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। हालांकि इस विस्तार में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी दिल्ली सरकार के मौजूदा अस्पतालों में नए ब्लॉक बनाने की है। इसके तहत मौजूदा 15 अस्पतालों में 5,739 बेड की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
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