‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना‘ का शुभारम्भ राज्य सरकार की सार्थक पहल: राज्यपाल


राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा ‘मुख्यमंत्री कन्या 
सुमंगला योजना’ के वेबपोर्टल का शुभारम्भ
‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के 
लाभार्थियों को डमी चेक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया

लखनऊ |  उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना‘ के शुभारम्भ को राज्य सरकार की सार्थक पहल बताते हुए कहा कि इस योजना के उद्देश्य अत्यन्त पवित्र हैं। यह योजना भ्रूण हत्या, लैंगिक असमानता समाप्त करने, बालिकाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने व बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच पैदा करने में सहायक होगी। महिला सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की वचनबद्धता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’, इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

राज्यपाल  आज यहां लोक भवन में ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश में महिलाओं के प्रति भेदभाव व हिंसा की प्रवृत्ति समाप्त करने की इच्छाशक्ति है, किन्तु इस सम्बन्ध में जागरूकता लाकर व एकजुट होकर प्रयास किये जाने की आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने धनतेरस के पावन पर्व पर ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के शुभारम्भ हेतु लक्ष्मीस्वरूपा बालिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति व परम्परा में मातृशक्ति के सशक्तिकरण के माध्यम से सम्पूर्ण चराचर जगत के कल्याण का भाव निहित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण व कल्याण के लिए ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ सहित तीन दर्जन से अधिक योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य सरकार ने इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ ही, आवश्यकतानुसार अपनी योजनाएं भी प्रारम्भ की हैं। इससे प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृृत्यु दर में प्रभावी कमी आयी है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना‘ की एक कड़ी के रूप में दो वर्ष पूर्व ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ लागू की गयी थी। सभी वर्गाें के गरीब परिवारों के लिए लागू इस योजना में पात्र लाभार्थी को 35 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाती थी, जिसे बढ़ाकर 51 हजार रुपये कर दिया गया है। ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना‘ इस योजना से पहले चरण की योजना है, जिसे आज लागू किया गया है। इस योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर स्नातक में प्रवेश तक विभिन्न चरणों में कुल 15 हजार हजार रुपये दिये जाने की व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि बालिका के जन्म लेने पर ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना‘ के अन्तर्गत उसका रजिस्ट्रेशन कराये जाने पर 02 हजार रुपये की धनराशि दिये जाने की व्यवस्था है। बालिका के एक वर्ष का होने तथा सम्पूर्ण टीकाकरण होने पर 01 हजार रुपये प्रदान करने की व्यवस्था है। इसी प्रकार बालिका के प्रथम कक्षा में प्रवेश पर 02 हजार रुपये, छठी कक्षा में प्रवेश पर 02 हजार रुपये, नवीं कक्षा में प्रवेश पर 03 हजार रुपये तथा हाईस्कूल के पश्चात दो वर्ष से अधिक के डिप्लोमा अथवा 12वीं उत्तीर्ण करने के पश्चात स्नातक में प्रवेश पर 05 हजार रुपये दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। यह योजना सभी श्रेणी के पात्र लाभार्थियों के लिए लागू की गयी है।

इससे पूर्व, राज्यपाल  एवं मुख्यमंत्री  द्वारा ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के वेबपोर्टल का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर योजना के लाभार्थियों को डमी चेक एवं प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। ज्ञातव्य है कि योजना के तहत लाभार्थी के खाते में धनराशि के आॅनलाइन अन्तरण की व्यवस्था है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री  द्वारा वर्ष 2015 में लागू की गयी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने बड़ी भूमिका निभायी है। इससे प्रदेश में लिंगानुपात में वृद्धि हुई है। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के माध्यम से बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने का अवसर देने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एण्टी रोमियो स्क्वाड सहित महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ महिलाओं के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

कार्यक्रम के अन्त में प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाती सिंह ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विमला बाथम, उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोेग के अध्यक्ष श्री विशेष गुप्ता, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती मोनिका गर्ग, यूनीसेफ की भारत में प्रतिनिधि डाॅ0 यास्मीन अली हक, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


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