
मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमें चिट्ठी लिखकर कहा था कि उनके पास 56 हजार मीट्रिक टन प्याज है। सितंबर में दिल्ली सरकार ने उन्हें पत्र लिखकर प्याज मांगा था तब 9 दिसंबर तक रोजाना 10 ट्रक प्याज (करीब 2.50 लाख किलो प्याज रोजाना) आपूर्ति करने को कहा था। मगर केंद्र ने बीच में ही प्याज की आपूर्ति बंद कर दी है। वह भी बिना किसी सूचना के। इससे साफ है कि जब केंद्र के पास पर्याप्त मात्रा में प्याज है तो प्याज की आपूर्ति मांग के बाद भी क्यों रोकी गई।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के रवैये से साफ है कि जानबूझकर कर देश में प्याज का संकट खड़ा किया गया है। जिससे प्याज के रेट बढ़ सके। सिसोदिया ने बताया कि आखिरी बार हमें 24 नवंबर को प्याज मिला है। वह भी महज एक ट्रक प्याज जिसमें 13 से 14 हजार किलो प्याज ही था। उन्होंने कहा कि उससे पहले भी हमें शायद ही कभी 10 ट्रक प्याज एक दिन में मिली हो। औसतन रोजाना हमें 4 से 5 ट्रक प्याज ही मिल रहा था। उन्होंने कहा कि केंद्र 60 रूपये किलो प्याज देने की बात कर रहा है जिसपर हम तैयार नहीं है। अगर हम इतनी महंगी प्याज मिलेगी तो सस्ती दरों पर दिल्लीवालों को कैसे उपलब्ध कराएंगे।
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