
मुख्यमंत्री ने सभी 06 सूचकांकों के तहत डेटा फीडिंग समय से कराने के निर्देश दिये
लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत प्रवेश दिये जाने के लिए सत्र से पहले ही सर्वे कर लिया जाए। इसके उपरान्त सर्वे के तहत उपलब्ध छात्रों का नामांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि नामांकन के उपरान्त ड्राॅपआउट रेट की भी माॅनीटरिंग की जाए और इसकी एक लिस्ट शिक्षक स्वयं तैयार करें। उन्होंने कहा कि ड्राॅपआउट करने वाले बच्चों को स्कूल वापस लाया जाए। इसके अलावा, विद्यार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध करायी जाने वाली पाठ्य-पुस्तकें समय से वितरित की जाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को यूनीफाॅर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, बैग इत्यादि समय से उपलब्ध कराने के लिए कहा।
राज्यपाल ने यह विचार आज यहां लोकभवन में महत्वाकांक्षी जनपदों के रूपान्तरण के सम्बन्ध में उनके एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष दिये गये प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करने के उपरान्त व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रदेश के 08 महत्वाकांक्षी जनपदों का दौरा कर प्रत्येक जनपद में 02 दिन के प्रवास पर रहेंगी और निर्धारित सूचकांकों के तहत इन जनपदों में किये गये कार्याें का अवलोकन और समीक्षा करेंगी। उन्होंने इस सम्बन्ध में उनके कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने और तिथि निर्धारित करने के भी निर्देश दिये।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर सुधारने के दृष्टिगत शिक्षकों के निरन्तर प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही, इस बात की भी माॅनीटरिंग की जाए कि शिक्षक दिये गये प्रशिक्षण के अनुसार ही विद्यार्थियों को पढ़ा रहा है अथवा नहीं। उन्होंने पूरे शिक्षण सत्र का कैलेण्डर पहले से तैयार करने और इनका प्रदर्शन प्रधानाचार्य के कक्ष के साथ-साथ स्कूल में करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्राइमरी स्तर से ही योग का प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिये। उन्होंने स्कूलों में प्रार्थना के समय कविता पाठ, समाचार वाचन, वाद-विवाद तथा पहाड़े याद करवाने जैसी गतिविधियों को भी संचालित करने को कहा।
राज्यपाल ने गर्भवती महिलाओं का हेल्थ चेकअप समय से कराने के निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें सहायता के लिए दी जाने वाली 5,000 रुपये की धनराशि समय से दी जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वे इसका सदुपयोग अपने खान-पान के लिए करें। उन्होंने प्रदेश में आॅर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए एक नीति बनायी जाए। उन्होंने कहा कि जनपद फतेहपुर के किसान आॅर्गेनिक खेती कर रहे हैं। ऐसे में उनकी उपज के लिए बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं पोषण से सम्बन्धित संकेतकों की औसत प्रास्थिति से राज्यपाल को अवगत कराते हुए बताया कि इन 08 महत्वाकांक्षी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना के लिए शीघ्रता से जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश के सभी जनपदों में प्राइमरी स्कूलों के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्र स्थापित करने की व्यवस्था के निर्देश दिये। आंगनबाड़ी केन्द्रों का अपना भवन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित किया जाए। जनता को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और जनस्वास्थ्य में सुधार के दृष्टिगत आगामी 02 फरवरी, 2020 से प्रदेश के सभी 4,200 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रत्येक रविवार को आरोग्य मेले आयोजित किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा सूचकांक के सम्बन्ध में राज्यपाल को अवगत कराया कि ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत विद्यार्थियों के नामांकन में अच्छी प्रगति हुई है। इसके अलावा, प्रदेश में मौजूद 1,58,000 बेसिक शिक्षा विद्यालयों में से 92,000 विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ स्मार्ट क्लास भी स्थापित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के दृष्टिगत ग्राम्य विकास विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में खेल के मैदान तथा जिम स्थापित करने के भी निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के 1.80 करोड़ बच्चों को यूनीफाॅर्म, बैग, पुस्तकें, जूते-मोजे इत्यादि निःशुल्क उपलब्ध कराये गये हैं। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के दृष्टिगत प्रदेश में प्रेरणा एप लागू किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिक विद्यालयों में विद्युत आपूर्ति के दृष्टिगत सोलर पैनल लगवाने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में केन्द्र की ‘हर घर नल’ योजना लागू की जा रही है। इसके अलावा, बुन्देलखण्ड एवं विंध्य क्षेत्रों के लिए पेयजल योजना लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के अगले 10 वर्ष के लिए रख-रखाव की जिम्मेदारी विकासकर्ता को दी जाएगी। इसी प्रकार, सड़क निर्माण के उपरान्त निर्माणकर्ता को अगले 5 वर्षाें तक इसका रख-रखाव सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विगत ढाई वर्षाें के दौरान बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में बिजलीयुक्त परिवारों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। इसके अलावा, ग्रामों को इण्टरनेट कनेक्शन युक्त बनाये जाने की भी व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को राज्यपाल द्वारा 08 महत्वाकांक्षी जनपदों में 02 दिन के प्रस्तावित प्रवास एवं कार्याें की समीक्षा के सम्बन्ध में 15 जनवरी, 2020 के बाद कार्यक्रम निर्धारित करने के निर्देश दिए। प्रस्तुतिकरण के दौरान महत्वाकांक्षी जनपदों के रूपान्तरण कार्यक्रम के सम्बन्ध में ‘मध्यावधि प्रास्थिति की पुस्तिका’ का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर नियोजन, बेसिक शिक्षा, आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स, संस्थागत वित्त, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, कृषि, पशुधन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभागों के अपर मुख्य सचिवों/प्रमुख सचिवों द्वारा अपने विभागों से सम्बन्धित जानकारी से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अवगत कराया गया। प्रस्तुतिकरण के दौरान सभी महत्वाकांक्षी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों द्वारा अपने-अपने जनपदों के तहत कराए जा रहे कार्याें की जानकारी दी गयी।
बैठक में मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल एवं सचिव मुख्यमंत्री श्री संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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