
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि तबलीगी जमात के कार्यक्रम के कारण कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़े हैं। कल से कोरोना के पॉजिटिव केसों की संख्या ज्यादा बढ़ी है। इसका मुख्य कारण तबलीगी जमात के सदस्यों द्वारा देश के अलग-अलग हिस्सों में जाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अभी तक हमने 47,951 कोरोना टेस्ट किए हैं। आईसीएमआर के नेटवर्क में 126 लैब हैं, इसके अलावा 51 प्राइवेट लैब को भी टेस्ट की मंजूरी मिली है।
मरकज में आए तेलंगाना के छ लोगों की मौत भी हो चुकी है। बता दें कि दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन पश्चिम इलाके में एक से 15 मार्च के बीच तबलीग-ए-जमात के इज्तिमे (मजहबी मकसद से एक खास जगह जमा होना) में दो हजार से ज्यादा लोगों ने शिरकत की थी। इनमें पाकिस्तान, इंडोनेशिया , श्रीलंका, अफगानिस्तान, मलेशिया, सऊदी अरब, इंग्लैंड और चीन और मलेशिया के लोग भी शामिल थे। इस मरकज में कुल 19 राज्यों से लोग शामिल हुए थे। ऐसे में इस मरकज से वापस लौटने के बाद उन राज्यों में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ गया है जहां-जहां लो पहुंचे हैं।
यूपी से 157 लोग हुए थे शामिल
दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात में शामिल हुए यूपी के 157 लोग शामिल हुए थे, जिनमें से 95 फीसदी लोगों की पहचान हो गई है। प्रशासन अब इन्हें क्वारंटाइन कर दिया है।
हरियाणा से 125 लोग हुए थे शामिल
हरियाणा के लगभग 125 लोग दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात की एक धार्मिक सभा में शामिल हुए थे और उन सभी को अब क्वारंटाइन कर दिया गया है।
पंजाब से 9 लोग आए थे
पंजाब से अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार ने उन नौ लोगों की पहचान की है जो इस बैठक में शामिल हुए थे। ये सभी अभी दिल्ली में हैं। पंजाब से इस बैठक में भाग लेने वालों में लुधियाना के चार, संगरूर के दो और बरनाला, गुरदासपुर और पठानकोट के एक-एक व्यक्ति शामिल थे।
मध्य प्रदेश के 107 लोगों की हुई पहचान
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए मध्यप्रदेश के सभी 107 लोगों की पहचान कर ली गई है और इन लोगों को पृथक रखा गया है। यह जानकारी भोपाल के जिलाधिकारी तरुण कुमार पिथोड़े ने दी। इन पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
कर्नाटक से 300 लोग हुए थे शामिल
कर्नाटक के से 300 लोग निजामुद्दीन में तबलीगी जमात में शामिल हुए थे। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी. श्रीरामुलु ने बुधवार को कहा कि तबलीगी- जमात आयोजन में कर्नाटक से करीब 300 लोग शामिल हुए थे जिनमें से 40 लोगों की पहचान कर उन्हें पृथक कर दिया गया है। इनमें से 12 को कोविड-19 नहीं होने की पुष्टि हो चुकी है।। उन्होंने धार्मिक समारोह में शामिल हुए 62 मलेशियाई और इंडोनेशियाई नागरिकों के कर्नाटक आने की जानकारी दी और कहा कि उनमें से 12 की पहचान कर उन्हें पृथक कर दिया गया है। किन राज्यों से कितने लोग मरकज में शामिल हुए, ये हैं राज्यवार आंकड़ें।
पुडुचेरी के दो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित
दिल्ली के तबलीगी जमात में इलाके में शामिल हुए पुडुचेरी के दो निवासी बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। परिवार एवं कल्याण विभाग के निदेशक मोहन कुमार ने बताया कि दिल्ली से लौटे ये दो लोग यहां सरकारी अस्पताल में भर्ती थे। सूत्र ने बताया कि दोनों यहीं नजदीक के अरियांकुप्पम गांव के निवासी हैं।
बिहार में तबलीगी जमात में गए 30 लोगों की पहचान
तबलीगी जमात में शामिल होने वाले लोगों में बिहार के भी 30 लोगों की पहचान कर ली गई है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बुधवार को बताया तबलीगी जमात में शामिल होने वालों में पटना से 17 और बक्सर से 13 लोगों की पहचान कर ली गई है और लोगों की पहचान करने की कार्रवाई की जा रही है। कहा जा रहा है कि बिहार से 86 लोग दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात में शामिल होने के बाद वापस लौटे हैं।
उत्तराखंड के 26 लोग हुए थे शामिल
दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात में उत्तराखंड से 26 लोग शामिल हुए थे। इस धार्मिक आयोजन में सरकार की ओर से अधिकारिक पुष्टी 26 लोगों के शामिल होने की हुई है। सूत्रों के अनुसार सबसे अधिक लोग हरिद्वार जिले के हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी व देहरादून और शेष अन्य जिलों से हैं।
मरकज में आए लोगों ने आंध्र में मामलों की संख्या में किया इजाफा
आंध्र प्रदेश में मंगलवार की रात से कोरोना वायरस के 43 नए मामले सामने आये है जिससे राज्य में कुल मामलों की संख्या 87 हो गई है। माना जा रहा है कि इन मामलों में ज्यादातर तबलीगी जमात के एक कार्यक्रम से संबंधित है। पश्चिम गोदावरी जिले में इस वायरस के संक्रमण के 13 मामले दर्ज किये गए जबकि कडप्पा जिले में भी 15 मामले सामने आए हैं। हालांकि, अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आंध्र से कुल कितने लोग मरकज में गए थे।
हिमाचल से 17 लोग हुए थे शामिल
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि राज्य के 17 लोग दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात की मंडली में शामिल हुए थे और वे दिल्ली में 14 दिनों की निगरानी में हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उनमें कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं हैं। बताया जा रहा है कि इस धार्मिक सभा में शामिल होने वालों में से अधिकांश जम्मू और कश्मीर से सटे चंबा जिले के थे।
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