
उन्होंने कहा है कि रिफंड के दावों का समयबद्ध निस्तारण शासन व विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। अनेक व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों में लंबित रिफंड के कारण टैक्सपेयर्स को हो रही आर्थिक कठिनाइयों के बारे में जानकारी दी है। प्रदेश के 21 जिलों को छोड़कर अन्य जिलों में कार्यालय खोले जा रहे हैं, लेकिन रिफंड व्यवस्था ऑनलाइन होने की वजह से जहां कार्यालय नहीं खुल रहे हैं वहां भी किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं होगी।
इसलिए ‘वर्क फॉर्म होम’ होने पर भी रिफंड के मामलों को निस्तारित करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया का सहारा लिया जाएगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। इसलिए लटके हुए रिफंड मामलों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा और इसकी आयुक्त कार्यालय स्तर पर प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी। व्यापारियों को ऑनलाइन रिफंड देने के लिए जिम्मेदार अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे।
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