
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को लोक भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्देश दिए । सीएम ने कहा चिकित्सालयों में साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था के साथ-साथ बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के समुचित प्रबन्ध किए जाएं। मेडिकल इंफेक्शन से चिकित्साकर्मियों को सुरक्षित रखने के लिए डाॅक्टरों, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्टाफ तथा एम्बुलेंस के चालकों का नियमित प्रशिक्षण किया जाए। उन्होंने कोविड चिकित्सालयों में बेड की संख्या को 30 मई, 2020 तक बढ़ाकर 01 लाख बेड किए जाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश वापस आने वाले कामगारों/श्रमिकों की क्वारंटाइन सेन्टर में स्क्रीनिंग की जाए। क्वारंटीन सेन्टर पर स्किल मैपिंग कार्य को जारी रखते हुए कामगारों/श्रमिकों का दक्षता सम्बन्धी सम्पूर्ण विवरण संकलित किया जाए। कम्युनिटी किचन के माध्यम से कामगारों श्रमिकों सहित समस्त जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन के प्रबन्ध जारी रखे जाएं। स्क्रीनिंग में स्वस्थ पाए गए कामगारों/श्रमिकों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराते हुए होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। होम क्वारंटीन की अवधि में इन्हें 01 हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन की साफ-सफाई, सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं का सतत् निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
01 जून से प्रारम्भ होने वाले खाद्यान्न वितरण अभियान की सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उनके राशन कार्ड प्राथमिकता पर बनाएं जाएं। हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को खाद्यान्न उपलब्ध हो जाए। उन्होंने सुचारु खाद्यान्न वितरण के लिए नोडल अधिकारियों को निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क का इस्तेमाल न करने वाले लोगों का चालान करने के साथ ही, उन्हें उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा निर्मित मास्क उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में मनरेगा के तहत कराये जा सकने वाले कार्याें को चिन्हित करते हुए एक कार्ययोजना बनायी जाए, जिससे कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने में सुविधा हो। उन्होंने टिड्डी दल के प्रकोप के दृष्टिगत पूरी सतर्कता बरतते हुए बचाव के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।
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