सभी विभाग उद्यमियों की समस्याओं का नीतियों व नियमों के अनुसार निश्चित समय-सीमा में निस्तारण करें — श्री आलोक टण्डन, आई.आई.डी.सी., उ.प्र


‘इन्वेस्ट यूपी’ की उद्यमियों के साथ प्रथम् उच्च-स्तरीय बैठकउद्योगों की समस्याओं के निराकरण हेतु अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त ने उद्यमियों से वेबिनार के माध्यम से संवाद किया

उद्योगों हेतु भूमि विनिमय, भू-उपयोग परिवर्तन, चकरोड, नाली आदि से सम्बंधित 6 प्रकरणों का समाधान कर सक्षम स्तर पर अनुमोदन हेतु भेजा गया

-तकनीकी समाधान-इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा आवंटित भूखण्डों के समाप्त पट्टे की भूमि को फ्री होल्ड किये जाने के सम्बंध में आवास विभाग द्वारा नीति का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा-कुल 21 प्रकरणों के समयबद्ध व त्वरित निस्तारण हेतु हुए निर्देश

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आई.आई.डी.सी.), श्री आलोक टण्डन की अध्यक्षता में राज्य की नवीन निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ की उद्यमियों के साथ प्रथम् उच्च-स्तरीय बैठक का आयोजन आज यहाँ लोकभवन में वर्चुअल माध्यम से किया गया। उत्तर प्रदेश में विद्यमान उद्योगों से संबंधित समस्याओं व प्रकरणों के त्वरित निस्तारण व नियमित अनुश्रवण हेतु इस बैठक में अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, श्री आलोक कुमार तथा सचिव, अपर मुख्य सचिव, सूक्ष, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), श्री नवनीत सहगल तथा सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), इन्वेस्ट यूपी- श्रीमती नीना शर्मा की उपस्थिति में लगभग 25 उद्योगपतियों व औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने वेबिनार के माध्यम से भाग लिया तथा 21 प्रकरणों पर विचार-विमर्श कर निस्तारण किया गया, जिसमें से राजस्व विभाग के भू-उपयोग परिवर्तन से सम्बंधित 6 प्रकरणों की बैठक अलग से की गई।

समस्त प्रकरणों के समयबद्ध व त्वरित निस्तारण हेतु निर्देश दिए गए।राजस्व विभाग से सम्बंधित व उद्योगों हेतु भूमि विनिमय, भू-उपयोग परिवर्तन, चकरोड, नाली आदि से सम्बंधित 6 प्रकरणों का समाधान कर सक्षम स्तर पर अनुमोदन हेतु भेजा गया।मैसर्स सदाहारी शक्ति (प्रा.), लि. फतेहपुर, फज़लगंज, कानपुर के प्रकरण में श्री आलोक टण्डन ने उ. प्र. पावर काॅरपोरेशन को निर्देशित किया कि उद्यमियों द्वारा नीलामी में खरीदी गई रुग्ण इकाइयों का विद्युत बकाया पुरानी इकाई से ही वसूला जाए न कि खरीददार से।औद्योगिक आस्थान, हाथरस में ज्ञॅभ् तथा ज्ञॅ। आधारित मासिक विद्युत बिलों के अधिक आने के प्रकरण पर उ. प्र. पावर काॅरपोरेशन द्वारा सूचित किया गया बिलिंग साॅफ्टवेयर में आवश्यक प्राविधान कर उद्योगों की कुछ श्रेणियों की इस समस्या का तकनीकी समाधान इस वर्ष माह अक्टूबर तक हो जाने की सम्भावना है।

इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन, लखनऊ के इम्प्रूवमेन्ट ट्रस्ट / लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित औद्योगिक भूखण्डों के फ्री-होल्ड के परिवर्तन के प्रकरण पर अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, श्री आलोक कुमार ने इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा आवंटित भूखण्डों के समाप्त पट्टे की भूमि को फ्री होल्ड किये जाने के सम्बंध में आवास विभाग द्वारा नीति का प्रस्ताव तैयार करने हेतु निर्देशित किया।

यूपीसीडा के सीईओ, श्री मयूर माहेश्वरी ने सूचित किया कि औद्योगिक क्षेत्र, उसरा बाजार, देवरिया में यूपीसीडा द्वारा मार्ग एवं नाली, पुलियाॅ की मरम्मत हेतु शीघ्रताशीघ्र निविदा आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है।इससे पूर्व आई.आई.डी.सी. ने वीडियो लिंक के माध्यम से उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि औद्यागिक विकास राज्य सरकार की उच्चतम् प्राथमिकताओं में सम्मिलित है, अतः मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में उद्योगों की समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध रूप से करने के उद्देश्य से पूर्व में उद्योग बन्धु की उच्च-स्तरीय बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाती थी, उसी प्रकार नवीन संस्था इन्वेस्ट यूपी की यह प्रथम् बैठक है तथा भविष्य में भी इस प्रकार का सार्थक संवाद जारी रहेगा।

श्री टण्डन ने कहा कि सभी विभागों द्वारा उद्यमियों की समस्याओं का नीतियों व नियमों के अनुसार निश्चित समय-सीमा में निस्तारण कर उनके द्वारा की गई कार्यवाही की जिम्मेदारी लेनी होगी।आज की बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, राजस्व विभाग, आवास विभाग, नगर विकास विभाग, एमएसएमई विभाग, ऊर्जा विभाग, उ. प्र. राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), पिकप एवं स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग से सम्बन्धित प्रकरणों के समाधान हेतु विचार किया गया।उद्यमियों तथा आई.आई.ए. व लघु उद्योग भारती जैसे औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा-श्री मयूर माहेश्वरी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में प्रतिभाग किया।


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