मुख्यमंत्री ने ‘इन्वेस्ट यू0पी0’ की उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक की अध्यक्षता की
वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न उद्योग संगठनों के पदाधिकारियों तथा जनपद स्तर के उद्यमियों से संवाद स्थापित किया

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विकास, रोजगार सम्भावनाओं के विस्तार तथा प्रधानमंत्री के भारत की इकोनाॅमी को 05 ट्रिलियन डाॅलर बनाने में उत्तर प्रदेश के योगदान में निवेशकों और उद्यमियों से निवेश योजनाओं, सी0एस0आर0, इनोवेशन और उद्यमशीलता के माध्यम से सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों और उद्यमियों को आश्वस्त किया कि विगत 03 वर्षाें में उत्तर प्रदेश में जो व्यापक परिवर्तन उन्होंने महसूस किया है, आने वाले समय में इसे और बेहतर किया जाएगा। मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत ‘इन्वेस्ट यू0पी0’ की उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न उद्योग संगठनों के पदाधिकारियों तथा जनपद स्तर के उद्यमियों से संवाद स्थापित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को एक बेहतर निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से उद्योग बन्धु की बैठक आहूत कर स्थानीय समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव के स्तर से सभी मण्डलायुक्तों को यह निर्देश जारी हों कि हर दूसरे महीने मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डल स्तर पर उद्योग बन्धु की बैठक हो। विकास प्राधिकरण, आवास एवं आवास विकास परिषद तथा स्थानीय स्तर की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर करते हुए शासन स्तर से जुड़ी हुई समस्याओं का भी समय-सीमा के अन्दर समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भू-उपयोग परिवर्तन के आवेदनों को 90 दिन की समय-सीमा के अन्तर्गत निस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि से औद्योगिक श्रेणी में भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क को घटाकर सर्किल रेट के 35 प्रतिशत की दर के स्थान पर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। बड़े भू-खण्डों पर टेलीस्कोपिक दरों को सम्मिलित करते हुए यह शुल्क मात्र 14 प्रतिशत रह जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक आस्थानों/औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों को दोहरे टैक्स के बोझ से मुक्ति मिलेगी। जिला पंचायतों द्वारा एकत्र किये गये टैक्स का न्यूनतम 60 प्रतिशत उसी औद्योगिक क्षेत्र के रख-रखाव में व्यय किया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि यूपीसीडा द्वारा मेरठ में बन्द पड़ी कताई मिल की भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में एम0एस0एम0ई0 की स्थापना तथा एम0एस0एम0ई0 के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए एम0एस0एम0ई0 नीति-2017 लागू की गयी थी। इसमें व्यापक सुधार करते हुए नई नीति सामने आयी है। इसके अन्तर्गत हमने यह तय किया है कि एम0एस0एम0ई0 उद्योग की स्थापना करने हेतु किसी भी उद्यमी द्वारा एप्लीकेशन दिये जाने के 72 घण्टे के अन्दर उसे अनुज्ञा-पत्र जारी कर दिया जाए।
भारत सरकार द्वारा घोषित किये गये आत्मनिर्भर पैकेज के अन्तर्गत प्रदेश सरकार द्वारा बैंकों से लगातार अनुश्रवण कर पूर्व से संचालित इकाइयों को अतिरिक्त ऋण देने की योजना में, प्रदेश में लक्षित 15,000 करोड़ रुपये के ऋण के सापेक्ष 10,400 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित कराया जा चुका है। बैंकों से लगातार अनुश्रवण कर यह प्रयास किया जा रहा है कि अगले एक महीने में इस लक्ष्य को हम पूरा कर लें।
पूर्व से विद्यमान इकाइयों को कोरोना कालखण्ड में आ रही समस्याओं तथा संचालन में आ रही कठिनाइयों का निस्तारण करने के लिए सरकार द्वारा ‘एम0एस0एम0ई0 साथी’ एप संचालित किया गया है। इसके अन्तर्गत विभिन्न राजकीय विभागों से लम्बित भुगतान, जी0एस0टी0 के लम्बित भुगतान, विभिन्न बैंकों से लम्बित ऋण के प्रार्थना-पत्रों सहित एम0एस0एम0ई0 की सभी समस्याओं को दूर करने के लिए इकाइयों की मदद कराई जा रही है। उन्होंने उद्यमियों से आग्रह किया कि प्रदेश की सभी एम0एस0एम0ई0 इकाइयां इस सुविधा का लाभ लें। यह एम0एस0एम0ई0 सेक्टर के लिए अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि वे आपसी संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करेंगे। उत्तर प्रदेश को निवेश के सबसे बेहतर गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेंगे। उन्होंने उद्यमियों और निवेशकों से कहा कि कोविड-19 से बचाव के प्रति जागरूक रहते हुए उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फिक्की की अध्यक्ष डाॅ0 संगीता रेड्डी, एसोचैम के अध्यक्ष डाॅ0 निरंजन हीरानन्दानी, सी0आई0आई0 नाॅर्दन रीजन के श्री निखिल साहनी, पी0एच0डी0सी0सी0आई0 के अध्यक्ष डाॅ0 डी0के0 अग्रवाल, आई0आई0ए0 के अध्यक्ष श्री पंकज कुमार, एफ0आई0ई0ओ0 के अध्यक्ष श्री शरद कुमार सर्राफ, ट्रेड प्रमोशन काॅउन्सिल आॅफ इण्डिया के चेयरमैन श्री मोहित सिंगला तथा लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री बल्देव भाई प्रजापति से संवाद किया। इसके साथ ही, उन्होंने कानपुर नगर, गोरखपुर, मेरठ और गाजियाबाद जनपदों के उद्यमियों से भी वार्ता की।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ईज़ आॅफ डूईंग बिजनेस में प्रदेश ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। वर्तमान सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री जी ने उद्योग व निवेश को लेकर एक रोड मैप तैयार किया, जिसके अन्तर्गत नियमों का सरलीकरण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित हुई है। अवस्थापना सुविधाओं का काफी विकास किया गया है। जिसके कारण उत्तर प्रदेश, देश में निवेशकों का प्रमुख केन्द्र बना है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री सुरेश खन्ना, श्रम मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास श्री आलोक कुमार, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास श्री मनोज कुमार सिंह, अधिशासी निदेशक इनवेस्ट यू0पी0 श्रीमती नीना शर्मा, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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