यीडा में 1.40 लाख करोड़ निवेश व 2.39 लाख रोजगार मिलेंगे

ग्रेटर नोएडा। ‘नोएडा एयरपोर्ट से यीडा सिटी एरिया में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ा है। बीते साढ़े तीन साल में इस एरिया में 1541 उद्योगों को जमीन आवंटित की गई है। इनसे 1.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 2.39 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।’ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने यीडा की समीक्षा बैठक के बाद यह दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में लखनऊ की पर्ची पर इंडस्ट्री के प्लॉट मिलते थे जो अब ड्रॉ से मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के फॉर्मूले पर तेजी से काम कर रही है। इसका नतीजा है कि उत्तर प्रदेश इस श्रेणी में देश में दूसरे नंबर पर आ गया है। प्रदेश सरकार का पूरा जोर औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर है। उद्योग लगेंगे तभी शहर बसेगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा। यीडा की अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और एमएसएमई योजना सफल रही है। 2017 से पहले यीडा सिटी एरिया में लोग पैसा लगाने को तैयार नहीं थे। अब अगर पांच प्लॉट है तो 50 आवेदन आ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने यीडा के सीईओ की काफी सराहना की।
मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में जब सभी लोग चुप बैठे थे उस समय भी यमुना प्राधिकरण में उद्योग लगाने के उत्सुक थे। यही वजह है कि 854 उद्योगों के लिए जमीन आवंटित की गई, जिनके शुरू होने से 1.63 लाख को रोजगार मिलेगा। नोएडा में मोबाइल डिस्प्ले यूनिट जल्द शुरू होने जा रही है। इसके बाद हम इसके लिए आयात पर निर्भर नहीं रहेंगे। पिछली सरकारों में इंडस्ट्री के प्लॉट के लिए लखनऊ से पर्ची जारी होती थी। हमारी सरकार आने के बाद पहली बार ड्रॉ प्रक्रिया शुरू की गई। अब पारदर्शिता के साथ आवंटन होता है। इसी वजह से प्रदेश में निवेश का माहौल बना है।
मेडिकल डिवाइस और टॉय सिटी पार्क बेहद अहम
महाना ने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क और टॉय सिटी पार्क बेहद अहम प्रोजेक्ट हैं। कोरोना काल में पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर, वेंटिलेटर विदेशों से आयात करने पड़ते थे। अब उनसे बेहतर गुणवत्ता वाले ये उपकरण अपने देश में बनने लगे हैं। ऐसे में मेडिकल डिवाइस पार्क बनने से तमाम चिकित्सीय उपकरण अपने देश में बनेंगे। 2017 से पहले औद्योगिक विकास प्राधिकरण रियल एस्टेट विकास प्राधिकरण बन चुके थे, लेकिन हमारी सरकार का पूरा जोर उद्योग लगाने पर है। अब तक औद्योगिक प्राधिकरणों के मास्टर प्लान में कुल एरिया के 13 फीसदी पर उद्योग लगे हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य मास्टर 2031 में 20 फीसदी और 2041 में 30 फीसदी उद्योग लगाने का है। टॉय सिटी पार्क में अब तक 115 भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं।
पांच साल में लगाने होंगे उद्योग
महाना ने कहा कि उद्योग लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने बेहद अहम फैसला लिया है। अब पांच साल में उद्योग लगाने होंगे। जमीन आवंटन होने के छह माह के भीतर विकास कार्य पूरे कराकर कब्जा दे दिया जाएगा। उस दिन से पांच साल के भीतर उत्पादन शुरू करना होगा। अब तक औद्योगिक प्लॉट लेकर लोग भूल जाते थे। बाद में मुनाफा पाने के लिए उसे बेच देते थे। यह परिपाटी अब रुक जाएगी।
हर हाईवे के किनारे लगेंगे उद्योग
उन्होंने कि देश का सबसे बड़ा हाइवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश में बन रहा है। पूर्वांचल हाईवे 60 फीसदी बन चुका है। बुंदेलखंड हाईवे बन रहा है। इन सभी हाईवे के एक-एक किलोमीटर दायरे में उद्योग लगेंगे। डिफेंस कॉरिडोर के तहत छह नोड विकसित हो रहे हैं, जिनमें अलीगढ़, झांसी, आगरा, चित्रकूट, लखनऊ व कानपुर शामिल हैं। इनमें से अलीगढ़ नोड विकसित करने पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि यीडा सिटी एरिया में 765 केवी सब स्टेशन बना हुआ है। 400 केवी सबस्टेशन बनने जा रहा है। इससे अगले 40 वर्षों तक उद्योगों को बिजली की कमी नहीं होगी।
https://rashtriyadinmaan.com
