मुख्यमंत्री ने कोविड-19 लक्षणयुक्त 18 वर्ष आयु तक के बच्चों हेतु निःशुल्क दवाई किट वितरण वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया


मुख्यमंत्री ने कोविड-19 लक्षणयुक्त 18 वर्ष आयु तक के बच्चों हेतुनिःशुल्क दवाई किट उपलब्ध कराने के कार्य का शुभारम्भ किया

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर कोविड-19 लक्षणयुक्त 18 वर्ष आयु तक के बच्चों हेतु निःशुल्क दवाई किट उपलब्ध कराने के कार्य का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने दवाई वितरण वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
   कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दुनिया व देश के कई राज्य कोरोना महामारी की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं, तब देश का सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश कोरोना महामारी की द्वितीय लहर को पूरी तरह नियंत्रित करने में काफी निकट है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर की सम्भावना विशेषज्ञों ने व्यक्त की है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने व्यापक कार्ययोजना के साथ तीसरी लहर के दृष्टिगत पूरी तैयारी शुरु कर दी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, हेल्थ वर्कर्स, कोरोना वाॅरियर्स ने कोरोना महामारी को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
   मुख्यमंत्री ने कोरोना से दिवंगत हुए लोगों के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति प्रदेश सरकार की ओर से संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 23 व 24 अप्रैल, 2021 के बीच में लखनऊ में ही 6,200 पाॅजिटिव केस आये थे। आज इनकी संख्या 19 पर पहुंच गयी है। 19 जनपद ऐसे हैं, जहां एक भी पाॅजिटिव केस नहीं है। 45 जनपद ऐसे हैं, जहां सिंगल डिजिट में पाॅजिटिव केस आये हैं। कुछ जनपद ऐसे हैं जहां केवल एक पाॅजिटिव केस आया है। अगले 02-03 दिन के अन्दर इन जनपदों में एक भी कोरोना का केस नहीं होगा। कोरोना मुक्त उत्तर प्रदेश की संकल्पना को साकार करने के लिए हम लोगों के प्रयास प्रारम्भ हो गये हैं। जो जनपद कोरोना मुक्त होगा, वह जनपद अपने आप में कह सकता है कि हमारा प्रबन्धन बेहतरीन है और हमारा जनपद कोराना मुक्त हो गया है।
   मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतरीन प्रबन्धन कोरोना से बचाव के लिए एक अहम हथियार है। उत्तर प्रदेश में टीम वर्क ने यह साबित करके दिखाया है। इन्सेफेलाइटिस का सफलतापूर्वक समाधान करने का कार्य रहा हो या कोरोना महामारी पर नियंत्रण करने का, उत्तर प्रदेश का यह माॅडल देश-दुनिया के सामने है। तीसरी लहर की आशंका ऐसे समय में व्यक्त की जा रही है, जब बारिश के कारण तमाम प्रकार की बीमारियां आती हैं। कोरोना जैसी महामारी हो या जलजनित व विषाणु जनित बीमारियां हों, इन सभी को नियंत्रित करने में स्वच्छता का विशेष महत्व है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से स्वच्छता का जो मंत्र दिया है, वह बीमारियों को दूर करने में कारगर साबित हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से नारी गरिमा को भी सम्मान मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चैथे चरण के अन्तर्गत 18 वर्ष से कम आयु के कोविड-19 के लक्षणयुक्त बच्चों को 04 वर्गाें (0-1 वर्ष, 1-5 वर्ष, 5-12 वर्ष तथा 12-18 वर्ष)  में विभाजित किया गया है। प्रत्येक वर्ग हेतु अलग-अलग प्रकार की मेडिसिन किट तैयार की गयी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से 50 लाख से अधिक बच्चों को निःशुल्क मेडिसिन किट वितरित की जा रही हैं।

उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि कोरोना जैसी महामारी को नियंत्रित किया जा सका है। उन्होंने प्रदेश में एक टीम बनाकर विभिन्न कार्यक्रमों को संचालित किया, जिसके कारण कोरोना को रोकने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर की सम्भावनाओं के दृष्टिगत अभी से तैयारी प्रारम्भ कर दी गयी है। मुख्यमंत्री जी कोरोना पाॅजिटिव होने के बावजूद भी कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि आबादी की दृष्टि से उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है। कई देशों की आबादी भी इतनी नहीं है।

इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री संदीप सिंह, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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