यूपीसीडा राज्य भर में उद्यमिता विकास और प्रोत्साहन सप्ताह का कर रहा है आयोजन


सीईओ मयूर माहेश्वरी ने बताया कि “इस पहल का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों से जुड़ना है

लखनऊ, कानपुर नगर, गाजियाबाद ,गोरखपुर, हमीरपुर, जौनपुर, सहारनपुर, आगरा, और मुरादाबाद जैसे जिलों के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए


लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में, राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में संतुलित विकास और उद्यमियों के लिए अनुकूल औद्योगिक परिवेश बन रहा है।
इसके परिणामस्वरूप, पिछले साढ़े चार वर्षों में, यूपीसीडा ने राज्य में लगभग 1200 इकाइयों को 1,100 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित की है और इन इकाइयों में 8,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है तथा 80,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। पूर्व में देवरिया से लेकर पश्चिम में सहारनपुर तक और उत्तर में पीलीभीत से लेकर दक्षिण में चित्रकूट तक, कई प्रतिष्ठित उद्यमियों ने निवेश के साथ अपनी प्रमुख परियोजनाओं की स्थापना की है अथवा कर रहे हैं। हाल ही में, यूपीसीडा ने 2,300 करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी निवेश की परियोजनाएं जैसे एबी मौरी, पेप्सिको, आईनॉक्स, और एमएपीईआई जैसे प्रसिद्ध समूहों को भूमि आवंटित की गई है।

जैसा कि राज्य के सिंगल विन्डो पोर्टल, निवेश मित्र में दर्ज किया गया है, प्राधिकरण द्वारा कार्यान्वित निवेशक अनुकूल पहल और सुधारों के परिणामस्वरूप चालू वर्ष में 94% से अधिक उपयोगकर्ताओं ने यूपीसीडा की सेवाओं पर संतुष्टि व्यक्त की है, । एक और निवेशक अनुकूल पहल के रूप में, 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2021 के बीच, यूपीसीडा राज्य भर के अपने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमिता विकास और प्रोत्साहन सप्ताह का आयोजन कर रहा है।

इस उद्यमिता विकास और प्रोत्साहन सप्ताह के दौरान, यूपीसीडा द्वारा किए गए डिजिटल सुधारों, सेवा वितरण प्रक्रियाओं के सरलीकरण और निवेशक अनुकूल नीतिगत पहलों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए, अपने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों और आवंटियों के साथ बैठकें आयोजित कर रहा है। इन संवादात्मक बैठकों का उद्देश्य विभिन्न उद्यमियों और औद्योगिक संघों से सुझाव प्राप्त करना है ताकि राज्य में व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए विचारों को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया जा सके।

इस पहल के तहत, लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, हमीरपुर, जौनपुर, सहारनपुर, आगरा, मुरादाबाद और गाजियाबाद जैसे जिलों के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। यूपीसीडा द्वारा निवेशकों के हित में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी का प्रसार करने के लिए यूपीसीडा द्वारा पूरे सप्ताह अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसी तरह के संवादात्मक सत्रों को आयोजित करने की योजना है। उद्योग संघों के अधिकारियों के साथ साथ उद्यमियों ने भी इन सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने अनुभव और प्रतिक्रियाएं साझा कीं।

इन सत्रों के दौरान, यूपीसीडा के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को यूपीसीडा द्वारा शुरू किए गए डिजिटल सुधारों के बारे में बताया जैसे कि 24 सेवाओं का लाभ उठाने के लिए निवेश मित्र, एक एकल खिड़की सेवा प्रणाली, के माध्यम से आवेदन करना, जो ऑनलाइन 24X7X365 उपलब्ध हैं और उन औद्योगिक क्षेत्रों में, जहां 75% से अधिक आवंटन हो चुका है, वहां भूखंडों के आवंटन के लिए पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया, प्रक्रियाओं का सरलीकरण और नीतिगत सुधार जैसे ब्याज दरों और रखरखाव लागत में कमी, क्रय योग्य एफएआर में वृद्धि आदि।
यूपीसीडा के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को उनकी शिकायतों का त्वरित अनुश्रवण तथा निवारण किए जाने का भी आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश को अग्रणी के रूप में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिभागियों ने संगठित औद्योगिक विकास और पारस्परिक रूप से लाभप्रद सुझाव भी व्यक्त किए।

यूपीसीडा के सीईओ श्री मयूर माहेश्वरी ने बताया कि “इस पहल का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों से जुड़ना है ताकि नई पहलों और नीतिगत सुधारों पर उनके सुझाव और प्रतिक्रिया प्राप्त की जा सके और यूपीसीडा के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के विभिन्न लाभों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके।”


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