नवरात्रि के पहले दिन : गऊ घाट से आईआईएम रोड के बीच शुरू हुआ वाहनों का आवागमन


लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने विगत 15 वर्षों से अवरोधित बंधा रोड को छह महीने में पूरा करवाया

बंधे के छूटे हुए 140 मीटर के हिस्से में मिट्टी पटाई के साथ ही शेष रोड की मरम्मत व सफाई का काम भी हुआ पूरा

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी व सचिव पवन कुमार गंगवार ने नवरात्रि के पहले दिन इस नई डगर पर सफर किया

लखनऊ। गऊ घाट पम्पिंग स्टेशन (कैटल कालोनी) से आईआईएम रोड (सीतापुर-हरदोई बाईपास) के बीच बंधा रोड पर वाहनों का आवागमन शनिवार से शुरू हो गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी व सचिव पवन कुमार गंगवार ने आज नवरात्रि के पहले दिन बंधा रोड पर सफर करके इस प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि यह बंधा विगत 15 वर्षों से अवरोधित था। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने महज छह महीने में ही बंधे के छूटे हुए 140 मीटर के हिस्से को बनवा दिया। यहां मिट्टी पटाई के कार्य के साथ ही पहले से बने बंधे की मरम्मत व सफाई का काम भी पूरा करा दिया गया है।

उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि बंधा गऊघाट पम्पिंग स्टेशन से आईआईएम रोड तक बनाया गया है। इसमें बंधे के छूटे हुए 140 मीटर के हिस्से को 312 लाख रुपये की लागत से बनवाया गया है। वहीं, बंधे का जो हिस्सा पहले से बना हुआ था, वह कूड़े की डम्पिंग व अनदेखी की वजह से जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया था। लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से इसकी मरम्मत व साफ-सफाई का काम भी करवा दिया गया है। वाहनों चालकों को बंधा रोड पर चलने में किसी तरह की कठिनाई न हो, इसके लिए पूरे मार्ग पर सात मीटर चौड़ाई में रिवर बेड मटीरियल/नैचुरल ग्रैवल गिट्टी की लेयरिंग का कार्य किया गया है।

गऊ घाट से घैला पुल तक का सफर सिर्फ 10 मिनट में-
अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि इस तटबंध के बनने से पुराने लखनऊ में नदी किनारे बसी आबादी को जलभराव की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। साथ ही यह बंधा रोड शहर की बड़ी आबादी के लिए आवागमन का बेहतर मार्ग बनेगा। उन्होंने बताया कि पुराने लखनऊ से घैला पुल-आईआईएम रोड की तरफ आने-जाने वाले दो पहिया/चार पहिया वाहन चालक बंधा रोड के रास्ते महज 10 से 15 मिनट में आवागमन कर सकेंगे।

पशुपालकों से किया संवाद –
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने नदी और बंधे के बीच बसे पशुपालकों से भी संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियामानुसार कार्रवाई करते हुए इन पशुपालकों को यहां से कैटल कालोनी में उपलब्ध अन्य भूखण्डों पर कब्जा देकर स्थानांतरित कर किया जाए। इस मौके पर मुख्य अभियंता इन्दुशेखर सिंह, अधिशासी अभियंता प्रताप शंकर मिश्रा, ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट इम्पलीमेंटेशन यूनिट के सदस्य अनिल कुमार सिंह सेंगर व सिंचाई विभाग के अभियंता अवधेश कुमार पाण्डेय समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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