संवर्गीय समस्याओं का समाधान छोड़िये, नोटिस के बावजूद वार्ता तक की जहमत नही उठा रहे प्रमुख अभियंता

लखनऊ, । संवर्गीय समस्याओं के लम्बे अरसे से लम्बित होने के कारण डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लगातार पत्राचार कर समस्याओं के निराकरण की मांग कर रहा है। प्रमुख अभियंता की संवर्गीय समस्याओं के प्रति उदासीनता के कारण अभियंताओं में व्याप्त व्यापक आक्रोष के कारण उच्चाधिकार समिति की बैठक के निर्णयानुसार संघ द्वारा एक सप्ताह पूर्व प्रमुख अभियंता को आन्दोलन का नोटिस भेजते हुए इसकी प्रतिलिपि प्रमुख सचिव को भिजवाई थी। इसके बावजूद प्रमुख अभियंता द्वारा संघ के पदाधिकारियों से वार्ता कर समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया। यही नही डेढ़ माह से अधिक समय व्यतीत होने के पश्चात् भी प्रमुख अभियंता द्वारा 16 सूत्रीय मांगो पर कोई कार्यवाही न किये जाने से प्रदेश के समस्त सदस्य अवर अभियंता/सहायक अभियन्ता आक्रोषित हैं। प्रादेशिक पदाधिकारियों के निर्णयानुसार 9 नवम्बर 2022 को प्रदेश के समस्त जनपद मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना और 17 नवम्बर 2022 से प्रदेश के सभी सदस्य अवर अभियंता,सहायक अभियंता कार्य बहिष्कार करेगें जिसके कारण गड्डा मुक्ति सहित अन्य विकास कार्य प्रभावित होंगे।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने बताया कि डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, लो.नि.वि. उ.प्र. द्वारा संवर्गीय समस्याओं के प्रति विभागीय उदासीनता के कारण प्रदेश व्यापी संघर्ष किये जाने की घोषणा की गयी है। संघ द्वारा 16 सूत्रीय समस्याओं हेतु समय-समय पर 30 पत्र लिखे गये। समस्याओं का समाधान न होने पर 21 सितम्बर 2022 को संघर्ष नोटिस जारी किया गया। 29 सितम्बर 2022 को प्रमुख अभियंता द्वारा संघ के प्रतिनिधि मण्डल को आश्वस्त किया गया कि संवर्गीय समस्याओं का निस्तारण शीघ्र किया जायेगा। प्रमुख अभियन्ता के आश्वासन एवं इण्डियन रोड कांग्रेस वार्षिक सत्र के आयोजन के परिप्रेक्ष्य में संघ द्वारा प्रस्तावित आन्दोलन स्थगित कर दिया था। परन्तु एक माह का समय व्यतीत होे जाने के पश्चात भी संवर्गीय समस्याओं पर कोई कार्यवाही न किये जाने पर संघ के उच्चाधिकार समिति में लिये गये निर्णय के आधार पर 22 अक्टूबर 2022 को पुनः आन्दोलन हेतु संघर्ष कार्यक्रम की नोटिस दी गयी। परन्तु अब तक प्रमुख अभियंता द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई।
संघ के प्रदेश महामंत्री इं. प्रकाश चन्द ने कहा कि प्रदेशभर के अवर अभियंता,सहायक अभियंता सरकार की विकास योजनाओं को ज़मीन पर अमलीजामा पहुॅचाने हेतु दिन-रात मेहनत करते है परन्तु उनकी सेवा सम्बन्धी समस्याओं के निस्तारण में प्रमुख अभियंता संवेदनहीन हो जाते हैं, यह स्थिति उचित नही है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष इं. श्रवण कुमार द्वारा बताया गया कि 30 सितम्बर तक पात्र कार्मिकों की प्रोन्नति करने का निर्देश मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा दिया गया था। परन्तु प्रमुख अभियंता की उदासीनता के कारण अभी तक पात्रता सूची आयोग को प्रेषित ही नही की गयी। संवर्गीय समस्याओं के निराकरण हेतु संघर्ष ही एकमात्र विकल्प बचा है।
इं. एस.के. त्रिपाठी चेयरमैन संघर्ष समिति ने कहा कि ऐसा लगाता है कि विभागाध्यक्ष स्वंय विकास कार्या को रूकवाकर या प्रभावित कराकर सरकार की बदनामी कराना चाह रहे है। विभागाध्यक्ष की हठधर्मिता एवं तानाशाही रवैये से संघ आन्दोलन हेतु विवश है। इं. एच.एन. मिश्रा अतिरिक्त महामंत्री ने कहा कि विभाग के आला अफसर छोटी छोटी समस्याओं को उलझाकर सरकार और जूनियर/ सहायक अभियंताओं के बीच मनमुटाव कराना चाह रहे है। संवर्ग के कई रूटीन कार्य विभाग में नही हो पा रहे हैे। विभाग की कार्यशैली डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ को आन्दोलन हेतु विवश कर रही है। संघ के आन्दोलन से विकास कार्य प्रभावित होगा तो उसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की ही होगी।
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