उद्यमियों और हजारों कामगारों के सामने रोजगार का संकट

लखनऊ। यूपी सीडा के अधिकारियों की लापरवाही के चलते आज गाज़ियाबाद टोनिका सिटी में 6 एम एल डी सीटीईपी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है । इसके चलते टोनिका सिटी में चलने वाली डाइंग की करीब सौ औद्योगिक इकाइयों और बंद हो जायेगी जिससे हजारों कामगारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जायेगा । एक ओर मुख्यमंत्री योगी यूपी में समिट करके ज्यादा से ज्यादा निवेश ला कर उद्योग प्रदेश बनाने में लगे हैं वहीं ऐसे समय में यूपी सीडा अधिकारियों की घनघोर लापरवाही के चलते टोनिका सिटी का 6 एम एल डी , सीटीईपी बंद हो रहा है ।
बड़ा आश्चर्य है कि यूपी सीडा में तीन आई ए एस अफसर तैनात हैं उसके बाद भी निचले लेबिल पर ऐसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है जो कि विभाग के साथ ही साथ उद्योगपतियों और सरकार तक की छवि खराब करने में लगे हैं।
यूपी सीडा की टोनिका सिटी एक महत्वपूर्ण योजना रही है लेकिन इसका दुरूभाग्य यह रहा है कि इस योजना पर पूरी तरह से कभी ध्यान ही नहीं दिया गया । सड़क, बिजली, सुरक्षा , सफाई, सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं भी यहां के उद्योगपतियों को बेहतर ढ़ंग की आज तक नहीं मिल सकी है । ग्रुप हाउसिंग के भूखंडों का आबंटन वषों पहले कर दिया गया लेकिन एक भी ग्रुप हाउसिंग का प्रोजेक्ट आज तक पूरा हो के चल नहीं सका है ।
टोनिका सिटी में करोड़ों रुपए खर्च कर दो सीटीईपी 6,एम एल डी और 4 एम एल डी के बनाए गए थे । जिसकी देख रेख की जिम्मेदारी यूपी सीडा के अधिशासी अभियंता सिविल और एशोसिएशन की है । प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुछ समय पूर्व 4 एम एल डी में कई तरह की कमियां पाई तो उसको ठीक करने का आदेश दिया लेकिन काफी समय बाद भी यूपी सीडा अधिकारियों ने जब इन कमियों को ठीक नहीं किया तो बोंड ने 4 एम एल डी को बंद कर दिया था । जिससे टोनिका की डाइंग के सैकड़ों उद्यमी प्रभावित हुए और उनको अपने उद्योग बंद कर दें पड़े।
बची इकाईयां 6 एम एल डी सीटीईपी से जुड़ कर किसी तरह अपना उद्योग चला रहे थे लेकिन प्रदूषण बोर्ड ने यहां भी तमाम कमियों को ठीक ना करने पर आज इसे भी बंद करने का आदेश जारी कर दिया है ।
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