
लखनऊ/दावोस, | स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के तीसरे दिन, उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने कार्ल्सबर्ग ग्रुप के सीईओ-मिशेल डोकरिस तथा बुडवाइज़र के सीईओ-जैकब आरूप-एंडरसन के साथ चर्चा शुरू की। ये दोनों बहुराष्ट्रीय कंपनियां ब्रुएरी के क्षेत्र में कार्यरत् है तथा अपनी वैश्विक उपस्थिति और मजबूत स्थानीय ब्रांडों के लिए जाने जाती हैं तथा भारत में भी इन कंपनियों की उपस्थिति हैं, जो देश के लिए अपनी रणनीतिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं।
IIDC श्री मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में इन कंपनियों द्वारा संभावित निवेश अवसरों के संबंध में चर्चा की। राज्य में बढ़ती हुई मांग पर बल देते हुए, श्री मनोज कुमार सिंह ने दोनों कंपनियों के लिए अपने ब्रांड पोर्टफोलियो में विविधता लाने और स्थानीय वरीयताओं के अनुरूप नए उत्पादों को पेश करने के अवसरों का सुझाव दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने सुश्री निवेदिता कृष्णमूर्ति भगत, कैप जेमिनी की मुख्य वित्तीय अधिकारी और श्री निखिल राठी, निदेशक व सीईओ, वेबवर्क्स से भी भेंट की और उत्तर प्रदेश में सहयोग और निवेश की क्षमता पर वार्ता की। कैप जेमिनी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है जो वित्तीय सेवाओं, रिटेल, दूरसंचार सहित विभिन्न उद्योगों के लिए परामर्श, प्रौद्योगिकी, पेशेवर और आउटसोर्सिंग सेवाएं प्रदान करती है, वेबवर्क्स डेटा सेंटर समाधानों का एक वैश्विक प्रदाता है, जो समर्पित सर्वर होस्टिंग, वीपीएस होस्टिंग और क्लाउड सेवाएं प्रदान करता है।
उत्तर प्रदेश पैवेलियन, प्रोमेनेड 49 में आयोजित स्पॉटलाइट इवेंट में ‘अपॉरचुनीटीज़ इन यूपी फॉर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इनोवेशन इन एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग’ में श्री स्टीफन केहो, पेप्सिको फाउंडेशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष, मुख्य कॉरपोरेट अफेयर्स एवं बोर्ड अध्यक्ष,; सुश्री फर्नांडा लोप्स लार्सन, कार्यकारी उपाध्यक्ष, अफ्रीका एवं एशिया, यारा इंटरनेशनल और श्री गेब्रियला ब्यूरियन, वैश्विक निदेशक, बायर क्रॉप साइंसेस उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने लुलु समूह के अध्यक्ष एवं एमडी, श्री युसफ अली से भी भेंट की और राज्य में समूह की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की, जिसमें ग्रेटर नोएडा में शीघ्र ही प्रारंभ होने वाले फूड पार्क, प्रयागराज व अयोध्या में विकसित किए जा रहे लुलु हाइपरमार्केट तथा मॉल की प्रगति भी शामिल है।
इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश में महिलाओं की वित्तीय साक्षरता एवं समावेश का पोषण’ विषय पर एक स्पॉटलाइट इवेंट का आयोजन किया। इसमें श्रीमती स्मृति ईरानी, मंत्री – महिला एवं बाल विकास, भारत सरकार,IIDC श्री मनोज कुमार सिंह, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की श्रीमती वर्तिका शुक्ल व एडब्ल्यूई फाउंडेशन की श्रीमती सीमा चतुर्वेदी सहित उल्लेखनीय वक्ताओं ने प्रतिभाग किया।

इसके पूर्व दावोस (स्विट्जरलैंड) में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के दूसरे दिन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स के चेयरमैन श्री संजीव आहूजा तथा क्लाइमेट एआई के अधिकारियों संग चर्चा हुई। चर्चा मूलतः राज्य में विशिष्ट निवेश अवसरों, विशेषकर स्टार्टअप, इनोवेशन, आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस, डाटा सेंटर तथा जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में निवेश हेतु हुई।
उत्तर प्रदेश के उत्कृष्ट निवेश परिदृश्य में रुचि दिखाते हुए टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स के चेयरमैन श्री संजीव आहूजा ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन तथा डाटा सेंटर स्थापित करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स एक अंतर्राष्ट्रीय निवेश कंपनी है, जो दूरसंचार, अवस्थापना, तकनीक एवं मीडिया जैसे क्षेत्रों में निवेश करती है।
क्लाइमेट एआई ने भी प्रदेश में निवेश की अपनी इच्छा व्यक्त की। बता दें कि क्लाइमेट एआई सैन फ्रांसिस्को स्थित एक तकनीक आधारित स्टार्ट-अप है, जिसका लक्ष्य आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक मशीनों की सहायता से जलवायु परिवर्तन से कृषि में हो रहे प्रभावों को कम करना है।
प्रतिनिधिमंडल की डेलॉइट इंडिया के सीईओ श्री रोमल शेट्टी के साथ भी सार्थक बैठक हुई, जिन्होंने दो माह में लगभग 2000 कर्मचारियों की क्षमता वाला एक कार्यालय नोएडा में खोलने की घोषणा की है, इसके इतर कंपनी लखनऊ में भी अपना एक कार्यालय स्थापित करेगी।
उत्तर प्रदेश को अपार संभावनाओं वाला तथा भारतीय स्टार्टअप रैंकिंग में अग्रणी राज्य बताते हुए IIDC श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य का उद्देश्य इनोवेशन व उद्यमशीलता को धरातल पर प्रोत्साहन तथा उभरती तकनीकों को विशिष्ट क्षेत्रों के साथ सम्मलित करना है। वर्तमान में देश की अग्रणी तथा उभरती हुई कंपनियों, जैसे पेटीएम, पेटीएम मॉल, इंडिया मार्ट, मोगलिक्स, पाइन लैब्स, इन्नोवेसर, इनशॉर्ट्स, क्लासप्लस तथा फिजिक्स वाला, ने उत्तर प्रदेश में अपने केंद्र स्थापित किए हैं।
विश्व स्तरीय स्टार्टअप ईकोसिस्टम स्थापित करने के राज्य सरकार के संकल्प पर प्रकाश डालते हुए, अवस्थपना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि एक सुदृढ़ अवस्थापना और नीति अनुकूल वातावरण के साथ उत्तर प्रदेश निवेशकों को राज्य में स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2023 तक राज्य के सभी 75 जिलों में फैले 10,000 से अधिक स्टार्टअप, 62 इनक्यूबेटर और 3 उत्कृष्टता के लिए केंद्र (CoE) स्थापित करने के अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अवस्थपना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त ने एग्री-टेक, आर्टीफीशियल इंटेलिजेन्स (एआई), ड्रोन, मेडिकल टेक्नोलॉजी (मेड-टेक), ब्लॉकचेन, दूरसंचार, क्वांटम कंप्यूटिंग, एडिटिव विनिर्माण, डाटा सेंटर एवं स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश करने के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया।
श्री मनोज कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश में आर्टीफीशियल इंटेलिजेन्स के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक अत्याधुनिक एआई सिटी के विकास के विषय में अवगत कराया, 40 एकड़ में फैली यह एआई सिटी, राज्य के भीतर आर्टीफीशियल इंटेलिजेन्स (एआई) ईकोसिस्टम को बढ़ावा देगी। प्रदेश सरकार ने इस संदर्भ में अग्रणी कंपनियों के साथ चर्चा शुरू कर दी है।
इसके पूर्व 14 जनवरी को उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्ल्ड ईकॉनॉमिक फोरम (डब्लूईएफ) में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश के प्रमुख श्री सीन डोहर्टी के साथ बैठक की। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने प्रौद्योगिकी का उपयोग कर कृषि उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय दोगुनी करने और उत्तर प्रदेश में फूड इनोवेशन हब स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशने हेतु वर्ल्ड ईकॉनॉमिक फोरम (डब्लूईएफ) में खाद्य और जल विभाग की प्रमुख सुश्री तानिया स्ट्रॉस के साथ एक गहन चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत संरचना को बढ़ाने, डिजिटल प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण को बढ़ाने के लिए वर्ल्ड ईकॉनॉमिक फोरम (डब्लूईएफ) के स्वास्थ्य और हेल्थकेयर विभाग के प्रमुख, डॉ. श्याम बिशेन से भी मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, श्री मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में ऊतर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में माननीय मुख्यमंत्री के सचिव-श्री अमित सिंह; विशेष सचिव, माननीय मुख्यमंत्री- शशांक त्रिपाठी; यूपीनेडा के निदेशक श्री अनूपम शुक्ला शामिल हैं।
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