झारखंड में खूनी संघर्ष


mauwadiपलामू। झारखंड के पलामू जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र के कौडिया में माओवादियों ने तृतीय प्रस्तुति सम्मे लन कमेटी [टीपीएससी] के 14 उग्रवादियों को मार डाला। टीपीएससी के उग्रवादी वहां पहले से थे मौजूद। माओवादियों ने चारों ओर से घेरकर नरसंहार किया। घटना को अंजाम देने के बाद माओवादी वहां से निकल गए, टीपीएससी के दूसरे जत्थे के उग्रवादी घटनास्थल पर पहुंचे और ट्रैक्टर से शव लेकर वहां से भाग गए।
उधर, पुलिस प्रवक्ता अनुराग गुप्ता ने 14 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। वहीं ग्रामीण सूत्रों ने बताया कि इस घटना में ज्यादा उग्रवादी मारे गए हैं। इसबीच जिले के एसपी वाईएस रमेश के नेतृत्व में पुलिस और सुरक्षाबल के जवान घटना के आठ घंटे बाद शनिवार दोपहर मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस ने इलाके में खोजबीन शुरू कर दी है।
इस घटना को माओवादियों ने चतरा के लकड़बंधा में हुई घटना के प्रतिशोध में अंजाम दिया है। 28 मार्च 2013 को लकड़बंधा गांव में दस माओवादियों की टीपीसी के उग्रवादियों ने मार डाला था। उनके हथियार भी लूट लिए थे। यह वारदात तब प्रतिबंधित संगठनों के बीच की सबसे बड़ी लड़ाई के रूप में सामने आई थी। अब 14 टीपीएससी उग्रवादियों की मौत राज्य की सबसे बड़ी घटना बन गई है। इस घटना के बाद दोनों संगठनों के बीच खूनी संघर्ष की लड़ाई की पृष्ठभूमि तैयार हो गई है।
गौरतलब है कि हाल ही में विधानसभा में विधि व्यवस्था पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि पूर्व डीजीपी बीडी राम ने ही टीपीसी का गठन करवाया था। इस मामले पर काफी शोर गुल भी हुआ था। बीडी राम ने कहा था कि उनका इस मामले से काई लेना देना नहीं। बीडी राम वर्तमान में पलामू से भाजपा सांसद हैं।


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