लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि बुन्देलखण्ड में कृषि विकास योजनाओं को और बेहतर ढंग से क्रियान्वित कराना सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में आवारा जानवरों की समस्या के समाधान हेतु एक सुनियोजित प्लान बनाया जाये। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में तिल के उत्पादन हेतु 03 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित कर किसानों को बीज आदि उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के मौसम को दृष्टिगत रखते हुये किसानों को उपयुक्त फसल उत्पादन हेतु प्रेरित किया जाये। उन्होंने कहा कि खरीफ फसल में क्रापिंग क्षेत्र को बढ़ाने हेतु हर संभव प्रयास सुनिश्चित कराये जायें।मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में बुन्देलखण्ड की कृषि विकास योजनाओं के सम्बन्ध में विभागीय अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के किसानों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कराने हेतु कोई कोर कसर न छोड़ी जाये। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के किसानों को फसल बीमा से भी लाभान्वित कराने हेतु अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि परम्परागत कृषि विकास योजना के अन्तर्गत उपयुक्त फसलों के चयन के साथ-साथ सम्बन्धित क्षेत्र तहसील स्तर तक चिन्हित कराये जायें।
श्री रंजन ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बुन्देलखण्ड के विकास हेतु अपने विभाग सम्बन्धी योजनायें बनाकर यथाशीघ्र प्रस्तुत की जायें, ताकि प्रस्तावित योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराकर बुन्देलखण्ड के किसानों को लाभान्वित कराया जा सके।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आनंद मिश्रा, प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव उद्यान श्री दीपक त्रिवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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