लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जनकल्याणकारी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को और बेहतर ढंग से क्रियान्वित कराकर विकास की गति में तेजी लायें। उन्होंने कहा कि जनपदीय अधिकारी अपने कार्यों को पारदर्शिता के साथ निर्वहन कर विकास कार्यों का क्रियान्वयन धरातल पर दिखाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि रेगिस्तान में हरियाली और पथरीली जमीन को उपजाऊ बनाने हेतु हर संभव प्रयास सुनिश्चित किये जायें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त जनपदों में मनरेगा योजना के अन्तर्गत पुनर्जीवित किये जाने वालों तालाबों में खुदाई का कार्य अभियान चलाकर कराया जाये।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के अन्तर्गत 32095 तालाबों का चिन्हांकन कराया गया है, जिनके अन्तर्गत 17,353 तालाबों पर खुदायी का कार्य प्रारम्भ हुआ है। उन्होंने कहा कि चिन्हित अवशेष तालाबों की खुदायी का कार्य यथाशीघ्र प्रारम्भ कराकर श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास सुनिश्चित हों। उन्होंने कहा कि आगामी 29 जून को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ-साथ पहली बार मुख्य विकास अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है।
मुख्य सचिव आज आवास विकास परिषद के सभागार में प्रदेश के मुख्य विकास अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोहिया ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत विगत वर्षों में चिन्हित 87 हजार पात्र लाभार्थियों को आगामी 15 अगस्त तक आवास पूर्ण कराकर उपलब्ध करा दिये जायें। उन्होंने कहा कि पोषण मिशन योजना के कार्यों को गति देने हेतु ब्लाक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कराया जाये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं आई0सी0डी0एस0 योजनाओं का और अधिक बेहतर ढंग से क्रियान्वयन कराकर लाभार्थियों को लाभान्वित कराने के युद्ध स्तर पर प्रयास सुनिश्चित किये जायें। उन्होंने कहा कि जनपदीय अधिकारियों को अपने कार्यों को रुटीन तरीके से न कर विकास योजनाओं को और अधिक बेहतर ढंग से क्रियान्वित कराकर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कराने में कोई कोर कसर उठा नहीं रखनी चाहिये।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आनंद मिश्रा ने अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के अन्तर्गत कुछ जनपदों में चिन्हांकन एवं आगणन का कार्य पिछड़ा हुआ है, ऐसे जनपद अपने कार्यों में तेजी लाकर विकास कार्यों को गति दें। उन्होंने कहा कि एक हेक्टेयर से कम चिन्हित तालाबों एवं पोखरों को मनरेगा योजना के अन्तर्गत तथा एक हेक्टेयर अथवा उससे अधिक क्षेत्र वाले तालाबों को राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के अन्तर्गत स्टीमेट बनाकर स्वीकृति हेतु यथाशीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाये। उन्होंने कहा कि खुदायी के कार्यों की प्रारम्भ में, मध्य में, अंत में फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी अवश्य करायी जाये। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों में नियमानुसार वृक्षारोपण कार्य भी कराया जाये।
ग्राम्य विकास आयुक्त श्री कामरान रिजवी ने बताया कि लोहिया ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत 1,01,212 लाभार्थियों का चयन कर प्रथम किस्त 94,409 रुपये की धनराशि द्वितीय किस्त 47,707 रुपये की धनराशि के रूप में अवमुक्त की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत वर्ष 2015-16 में 22 इन्टेसिव जनपदों के 22 विकास खण्डों से बढ़ाकर 31 जनपदों के 78 विकास खण्डों का आच्छादन कराया जा चुका है, जिसमें 10 नये जनपद तथा 56 नये विकास खण्ड सम्मिलित किये गये हैं।
प्रदेश के 05 जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों द्वारा अपने जनपद में कराये जा रहे कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। जलपुरुष डाॅ0 राजेन्द्र सिंह ने भी जल बचाओ अभियान के अन्तर्गत आवश्यक जानकारी देते हुये जल संचय कराने पर जोर दिया।
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