लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने दुग्ध उत्पादक सदस्यों को सहकारिता के अन्तर्गत प्रोत्साहित करने हेतु प्रदेश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले दुग्ध उत्पादकों की सूची समस्त जनपदों से आगामी एक सप्ताह के अन्दर प्राप्त की जाये, ताकि चयनोपरान्त उन्हें गोकुल पुरस्कार से सम्मानित किया जा सके।उन्होंने पशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु लखनऊ में आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित एक पशु अस्पताल बनाया जाये। उन्होंने कहा कि चक गंजरिया स्थित पी0सी0डी0एफ0 के नये प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूर्ण कराया जाये। उन्होंने इन्फार्मेशन टेक्नोलाॅजी एण्ड कम्प्यूटराइजेशन योजना के अन्तर्गत दुग्ध संघों में संचालित दुग्ध परिवहन टैंकरों पर बी0टी0एस0 स्थापित कराने, डिस्पले यूनिट एवं इण्टरनेट कनेक्शन हेतु भी लाइन की व्यवस्था करायी जाये। उन्होंने दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु दुग्ध उत्पादकों/समिति को तकनीकी निवेश कार्यक्रम तथा कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का क्रियान्वयन तेजी से कराया जाये।
मुख्य सचिव आज यहां शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास एजेण्डा वर्ष 2015-16 हेतु कामधेनु डेयरी योजना के अन्तर्गत लक्षित 220 इकाइयों के सापेक्ष 140 इकाइयों की तथा मिनी कामधेनु डेयरी योजना के अन्तर्गत 1000 इकाइयों के सापेक्ष 582 इकाइयों के क्रियाशील हो जाने के फलस्वरूप, अवशेष इकाइयों को स्थापित कराकर क्रियाशील करने के हर संभव प्रयास किये जायें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति 2013 के अन्तर्गत 30,000 पक्षी क्षमता की कामर्शियल लेयर इकाईयों तथा 10,000 पक्षी क्षमता की ब्रायलर पैरेन्ट इकाईयों की स्थापना के कार्य में तेजी लायी जाये। उन्होंने कहा कि जनपद बस्ती में पशुधन प्रशिक्षण केन्द्र एवं पालीक्लीनिक की स्थापना तथा जनपद बरेली में वर्ण संकर केन्द्र की स्थापना के कार्यों में तेजी लायी जाये।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि कुक्कुट विकास नीति 2013 के अन्तर्गत कामर्शियल लेयर फार्मिंग हेतु 201 इकाइयों का लेटर आॅफ कम्फर्ट तथा ब्रायलर पैरेन्ट फार्मिंग हेतु 05 इकाइयों को लेटर आॅफ कम्फर्ट जारी किये जा चुके हैं। इससे प्रदेश में 19.17 लाख अतिरिक्त अण्डा उत्पादन प्रतिदिन किया जा रहा है तथा 6900 स्वरोजगार का सृजन हुआ है। उन्होंने बताया कि ई-परियोजना प्रबन्धन अन्तर्गत वेबसाइट पर परियोजना को लोड कराने हेतु शासन स्तर पर एवं पशुपालन विभाग स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किये जा चुके हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव पशुधन श्री रजनीश गुप्ता, प्रमुख सचिव दुग्ध विकास श्रीमती अर्चना अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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