प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में और बेहतर सुधार लाने हेतु शिक्षकों की सबसे अधिक जिम्मेदारी—-मुख्य सचिव


unnamed (1)लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में और बेहतर सुधार लाने हेतु शिक्षकों की सबसे अधिक जिम्मेदारी है, जिसका निर्वहन शिक्षकों को करना चाहिये। उन्होंने कहा कि छात्रों को उनके भविष्य हेतु बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने से अध्ययनरत छात्र जीवनभर अपने गुरुओं की याद करते हैं और सम्मान करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा हेतु धन की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने शिक्षा मद बजट से 36 हजार करोड़ रुपये शिक्षकों के वेतन में खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु समाजसेवी संस्थाओं को अपनी और अधिक भागीदारी सुनिश्चित करानी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा विभाग के बेसिक शिक्षा अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षकों एवं प्रति उपविद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिये गये हैं कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता को परखा जाये और दोषपूर्ण पाये जाने पर सम्बन्धित शिक्षक की जिम्मेदारी नियत की जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश हैं कि अध्ययनरत छात्रों को बेहतर एवं गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती कार्यवाही पूर्ण कर लेने के पश्चात् न तो शिक्षकों की कमी रहेगी और न ही धनराशि की।
मुख्य सचिव आज यहां लोक निर्माण विभाग के विश्वेश्रैया भवन में आई केयर इण्डिया द्वारा आयोजित ट्रांसफार्मिंग हण्ड्रेड गवर्मेंट प्राइमरी स्कूल कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आई केयर इण्डिया द्वारा लखनऊ शहर के आसपास लगभग 100 विद्यालयों का चयन कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कराने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर एक अच्छा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्य समाजसेवी संस्थाओं को भी छात्रों के भविष्य हेतु अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ निःशुल्क पाठ्य सामग्री एवं निःशुल्क ड्रेस भी उपलब्ध करा रही है।
श्री रंजन ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का वेतन काॅनवेंट स्कूलों के शिक्षकों की अपेक्षा अधिक है। उन्होंने कहा कि इसलिये शिक्षकों का और अधिक दायित्व है कि प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में अपनी और सक्रिय भूमिका निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2015 को शिक्षा की गुणवत्ता का उन्नयन वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को अपनी तैनाती स्थल में ही अध्ययनरत छात्रों को बेहतर शिक्षा देकर समाज में अपनी अलग पहचान बनाने के लिये सदैव जागरूक रहना चाहिये।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता, सचिव बेसिक शिक्षा श्री हीरालाल गुप्ता एवं शिक्षाविदों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

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