नई दिल्लीः याकूब मेमन को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद सुरक्षा एजैंसियों ने आगाह किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान को खतरा है। बताया जा रहा है कि चार आतंकी संगठन मोदी पर हमला करने की फिराक में हैं। हमला स्वतंत्रता दिवस के दौरान किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षा एजैंसियों को पता चला है कि 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी याकूब मेमन को दी गई फांसी की सजा का बदला लेने के लिए आतंकवादी हमलों की साजिश रची जा रहा है। कई आतंकी संगठनों के बीच हुई बातचीत को इंटरसेप्ट करने के बाद यह जानकारी सामने आई है कि स्वतंत्रा दिवस कार्यक्रम के दौरान आतंकी बड़े हमले कर सकते हैं।
ऐसे किसी हमले को नाकाम करने के लिए सुरक्षा एजैंसियों ने ‘ऑपरेशन लाल किला’ नाम से एक योजना तैयार की है। सुरक्षा एजेैंसियों ने इंडियन मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद, तहरीक-ए-फुरकान, लश्कर-ए-तोइबा और पसबान-ए-अहले हदीस के बीच हुई बातचीत इंटरसेप्ट की है। कुछ खुफिया सूचनाओं में इस्लामिक स्टेट के संभावित होने की भी आशंका है।
दिल्ली पुलिस की प्रधानमंत्री सिक्योरिटी यूनिट के साथ हुई बैठक में अधिकारियों को बड़े स्तर पर होने वाले आतंकी हमले की आशंका से अवगत करा दिया गया है। संवेदनशील जगहों पर इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस का उच्च प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स दस्ता तैनात किया जाएगा।
वहीं आइबी ने पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मानव बम से हमले का अलर्ट जारी किया है। आइबी के अलर्ट पर एसपीजी मुख्यालय ने कैंप कर रहे स्थानीय एसपीजी अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का आदेश जारी किया है। सूत्रों की माने तो महिला नक्सलियों की ओर से उक्त घटना को अंजाम देने की तैयारी है। आइबी को सूचना मिली थी कि प्रधानमंत्री के पटना और मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान उनपर हमला हो सकता है। पत्रकार, पुलिस, सुरक्षा अधिकारी, बिजली मिस्त्री, आयोजक, कैटरर या मजदूर के रूप में आरोपी प्रधानमंत्री को निशाना बना सकते हैं।
https://rashtriyadinmaan.com
