‘राखी’ का संबंध मन की पवित्र भावनाओं से है- अपर्णा


अपर्णा ने कानपुर में ‘राखी बाजार’ का किया उद्घाटन 
 

mail.google.comलखनऊ। सामाजिक संस्था ‘बी-अवेयर’ फाउंडेशन की संरक्षिका, वरिष्ठ समाजसेविका श्रीमती अपर्णा यादव ने गुरुवार को जनपद कानपुर स्थित कान्हा गैलेक्सी में अर्पिता महिला मण्डल व्दारा आयोजित ‘राखी बाज़ार’ का उद्घाटन दीप प्रज्वलित करते हुए किया।

इस मौके पर उन्होंने अर्पिता महिला मण्डल कानपुर के इस आयोजन की सराहना भी की। उन्होंने राखी के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राखी के धागों का संबंध मन की पवित्र भावनाओं से है। ऐतिहासिक रूप से राजपूत रानियाँ भाईचारे की निशानी के रूप में पडोसी शासकों को राखी के धागे को भेजा करती थी। राखी के इन धागों ने अनेक कुरबानियाँ कराई हैं। चित्तौड़ की राजमाता कर्मवती ने मुग़ल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजकर अपना भाई बनाया था और हुमायूँ भी संकट के समय बहन कर्मवती की रक्षा के लिए चित्तौड़ आ पहुँचे थे। राखी सिर्फ धागा नही बल्कि बहन के प्यार और प्रार्थना उसके भाई की भलाई के लिए और उसकी रक्षा के लिए भाई का आजीवन व्रत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह त्यौहार भारत, मॉरिशस, नेपाल साथ ही पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में हिन्दूओं, जैनियों, सिक्खों तथा कुछ मुस्लिमों व्दारा भी मनाया जाता है।
6666788श्रीमती यादव ने राखी बाजार में लगे सभी स्टालों का अवलोकन किया। 30 से 31 जुलाई तक आयोजित इस बाजार में लगभग 100- 150 उद्यमी महिलाओं व्दारा स्टॉल लगाये गए हैं। जिसमें दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, जयपुर, बनारस, लखनऊ और कानपुर के कारीगरों व्दारा निर्मित डिजाइनर साड़ियाँ, कपड़े, गिफ़्ट आईटम, लाइफ स्टाईल प्रोडक्ट और ज्वैलरी इत्यादि शामिल हैं। जिनका अवलोकन करने के उपरांत श्रीमती यादव ने उपलब्ध उत्पादों की जमकर तारीफ की।

उन्होंने उद्यमी महिलाओं का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी होना आज के समय की सबसे बड़ी जरुरत है। आपके आत्मनिर्भर बनने से आपकी जरूरतें पूरी होंगी, आपका आत्मबल बढ़ेगा। आपका परिवार ही नहीं बल्कि परिवार से समाज और समाज से पूरा देश खुशहाल होगा। आपको बता दें कि यह बाजार पूर्ण रूप से पॉलीथिन मुक्त है। और सबसे बड़ी बात यह है कि इस बाजार से जो भी आमदनी होगी उसे गरीबों की मदद की जाएगी।


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