लखनऊ। सीबीआई जांच के घेरे में आए नोएडा प्राधिकरण के निलंबित इंजीनियर इन चीफ यादव सिंह की जांच को सियासी दांव-पेंच में उलझाने जैसी बातें चल पड़ी हैं लेकिन इस जांच के फंदे में यादव सिंह के पूरे कुनबे की गर्दन फंसी है। जांच की परिधि में यादव परिवार के अलावा कई सियासी हस्तियां भी आ रही हैं। सीबीआइ की टीमें यादव सिंह की पत्नी, बेटी और पुत्र से जुड़ी कुल 40 कंपनियों की छानबीन कर रही हैं लेकिन छह कंपनियों में कुछ दिग्गजों और इस परिवार के भ्रष्टाचार की सच्चाई छिपी है। यादव सिंह के परिजनों से जुड़ी जिन कंपनियों की शिकायत है उनमें चाहत टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, न्यू एरा साफ्टवेयर, केएफ अल्ट्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, क्विक इंफोटेक सलूशन के अलावा कैपफिन इंडिया लिमिटेड नई दिल्ली, कंट्री वाइड इलेक्ट्रानिक लिमिटेड नई दिल्ली और साबूरी इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड का नाम है।
इन सभी कंपनियों में यादव सिंह के परिवारीजन निदेशक हैं। सूत्रों के मुताबिक अरगोहा सेविंग लिमिटेड और डीकेबी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को संदिग्ध बताया गया है। इन दोनों कंपनियों के जरिये सियासी दिग्गजों को उपकृत करने का आरोप है। सीबीआइ इन्हीं कंपनियों की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। यादव के खिलाफ सीबीआइ जांच की मांग की याचिका दाखिल करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने भी अपनी याचिका में कई गंभीर आरोप लगाये हैं। दावा है कि इन कंपनियों की छानबीन में भ्रष्टाचार की बहुत सी पोल खुल जायेगी। नोएडा के जिस बैंक में नोएडा प्राधिकरण का खाता है, उसी बैंक में यादव के परिवारीजन की कंपनियों के भी ज्यादातर खाते हैं।
सीबीआइ इन सभी दस्तावेजों की छानबीन में जुटी है। सीबीआइ की जांच-पड़ताल कई चरणों में होनी है लेकिन वह चौतरफा दस्तावेज जुटाने में सक्रिय हो गयी है। नोएडा में दर्ज मुकदमे का मांगा ब्यौरा सीबीआइ ने यादव सिंह के खिलाफ नोएडा में दर्ज मुकदमे का ब्यौरा मांगा है। मामले में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ भी हो सकती है। सरकार ने यादव सिंह के भ्रष्टाचार के मामले में 954 करोड़ रुपये के घोटाले की एक जांच सीबीसीआइडी को दी थी। नोएडा में दर्ज मुकदमे को टेकओवर कर सीबीसीआइडी ने यह जांच शुरू की। उस समय डीजीपी जगमोहन यादव सीबीसीआइडी के प्रमुख थे। पहले यह जांच सीबीसीआइडी के मेरठ सेक्टर को दी गयी थी लेकिन बाद में उसे लखनऊ सेक्टर स्थानांतरित करा दिया गया। इस मामले में सीबीसीआइडी ने 27 नवंबर 2014 को अंतिम रिपोर्ट लगा दी। हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में सीबीसीआइडी जांच पर भी सवाल उठाये थे। सीबीआइ इसके तथ्यों की पड़ताल में जुटी है। इस दायरे में दो अपर पुलिस अधीक्षकों की भी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
https://rashtriyadinmaan.com
