सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने आशा, ए0एन0एम0 तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया
लखनऊ| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की धर्मपत्नी एवं कन्नौज संसदीय क्षेत्र से सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने कहा है कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए उनकी शिक्षा एवं स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार करना होगा। बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैय्या कराने पर महिलाएं खुद-ब-खुद सशक्त होकर पुरूषों की बराबरी में आ जाएंगी।श्रीमती यादव आज यहां राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय, साढ़ामऊ, बक्शी का तालाब परिसर में आयोजित आशा, ए0एन0एम0 तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य अतिथि के रूप में शुभारम्भ करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। मातृ एवं बाल स्वास्थ्य वर्ष 2015-16 के अंतर्गत आयोजित संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश की जनता को गुणवत्तापरक निःशुल्क स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में प्रारम्भ किया गया है।
सांसद कन्नौज ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और आशाबहुएं, ए0एन0एम0 तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां इस भविष्य की संरक्षक हैं। ये प्रदेश की स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की फ्रण्टलाइन वर्कर्स हैं। इनकी मेहनत से ही देश के बेहतर भविष्य की उम्मीद जगती है। श्रीमती यादव ने इन फ्रण्टलाइन वर्कर्स को भरोसा दिलाया कि वे उनके काम की बाधाओं को कम करने में हर सम्भव मदद करेंगी।
श्रीमती यादव ने कहा कि आशाबहुओं, ए0एन0एम0 तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का फ्रण्टलाइन वर्कर्स होने के कारण इनका प्रशिक्षण सबसे अधिक जरूरी है। इन्हें जब पता होगा कि ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस में क्या करना है और कैसे करना है, तभी उसका वास्तविक लाभ होगा। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्री अहमद हसन से अनुरोध किया कि सभी वर्कर्स को प्रशिक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाया जाए, जिससे वे जागरूक हों और बेहतर काम करें।
सांसद कन्नौज ने कहा कि कुपोषण दूर करने तथा माँ एवं बच्चे के स्वास्थ्य व पोषण को बेहतर बनाने के लिए विगत नवम्बर माह में राज्य पोषण मिशन का शुभारम्भ किया गया था। मिशन को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों यथा आई0सी0डी0एस0, एन0आर0एच0एम0, स्वास्थ्य विभाग आदि को मिलकर आपसी समन्वय से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुपोषण तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए सभी को मिलकर राज्य सरकार का साथ देना होगा। उन्होंने मीडिया से भी लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी मामलों में जागरूक करने की अपील की।
श्रीमती यादव ने कहा कि सभी संबंधित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस को गांव-गांव में सेलिब्रेशन की तरह मनाने की जरूरत है। गर्भवती माताओं के लिए आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियां जरूरी हैं। ऐसा देखा जाता है कि नवजात शिशुओं को डिब्बे का दूध पिलाने को वरीयता दी जाती है, जबकि नवजात शिशुओं को कम से कम छः माह तक स्तनपान कराना चाहिए। प्रदेश में लगभग 22 प्रतिशत महिलाएं बच्चों को स्तनपान कराती हैं। इस संख्या को 50 प्रतिशत तक बढ़ा देने पर डायरिया कम होगा। डायरिया बच्चों में कुपोषण एवं मृत्यु का प्रमुख कारण है। इस प्रकार स्तनपान को बढ़ावा देकर कुपोषण पर प्रभावी रोक लगायी जा सकती है। उन्होंने आशाबहुओं, ए0एन0एम0 तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और किशोरियों में स्वच्छता एवं संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता पैदा करते हुए आप लोगों द्वारा इनमें सेनेटरी नैपकिन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। किशोरियों में खून की कमी (एनीमिया) रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की दवाइयां दी जानी चाहिए।
इस अवसर पर उन्होंने संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षण माॅड्यूल तथा ‘आशा का पिटारा’ पुस्तिका का विमोचन किया तथा चयनित आशा, ए0एन0एम0 एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण सामग्री का वितरण भी किया।
इससे पूर्व श्रीमती यादव ने आंगनबाड़ी केन्द्र सरैया बाजार में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस तथा संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण भी किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अहमद हसन ने कहा कि समाजवादी सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए काम किया है। राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य की लगभग सभी सेवाएं निःशुल्क मुहैय्या करायी जा रही हैं। ऐसा किसी अन्य प्रदेश में नहीं हुआ है। चुनाव घोषणा पत्र की घोषणाओं को पूरा करने, निःशुल्क लैपटाॅप वितरण एवं मेट्रो रेल को अमली-जामा पहनाने के लिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव को आधुनिक उत्तर प्रदेश के आर्किटेक्ट की संज्ञा दी। कार्यक्रम को ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अरविन्द कुमार सिंह गोप, संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती अरूण कुमारी कोरी, उ0प्र0 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुश्री जूही सिंह, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुश्री जरीना उस्मानी तथा पूर्व मंत्री श्री भगवती सिंह ने भी सम्बोधित किया।
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अरविन्द कुमार ने संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम से परिचित कराते हुए कहा कि इसका उद्देश्य स्वास्थ्य एवं पोषण की बेहतर सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचाना है। ग्राम, स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के अन्तर्गत मातृ स्वास्थ्य संबंधी, प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी, पोषण संबंधी, नवजात शिशु एवं बाल स्वास्थ्य संबंधी तथा किशोर/किशोरी स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं निःशुल्क मुहैय्या करायी जाती हैं। इन सेवाओं में गुणात्मक सुधार के लिए आशाबहुओं, ए0एन0एम0 तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों हेतु संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे प्रदेश में आयोजित किया जाना है, जिसका शुभारम्भ आज हो रहा है।
इस अवसर पर विधायक श्री गोमती यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण, प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार श्री कुमार कमलेश सहित शासन-प्रशासन के अधिकारी, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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