लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने आज प्रातः 10 बजे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से भेंट कर मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाए जाने हेतु केन्द्र सरकार को संस्तुति करने का आग्रह किया जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर डाॅ0 बाजपेयी द्वारा मेरठ को स्मार्ट घोषित किये जाने के पक्ष में दिये तर्को से अपनी सहमति जतायी। प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने 29 जुलाई 2015 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी राज्य स्तरीय समिति की बैठक में लिए गये र्निणय की विसंगतियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री को एक पत्र भी सौपा।डाॅ0 बाजपेयी लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाते वह रायबरेली को भी स्मार्ट घोषित किए जाने की लड़ाई लडेगे लेकिन उन्होने सवाल खडा करते हुए कहा कि 1951 से 1959 तक फिरोजगांधी, 1967,1971,1980 श्रीमती इन्द्रिरा गंाधी, 1984 श्री अरूण नेहरू, 1984 व 1991 में शीला कौशल , 1999 में सतीश शर्मा, और 2004 से अबतक श्रीमती सोनिया गांधी संासद है स्पष्ट है कि 1952 से अबतक ज्यादातर सांसद कांग्रेस के रहे और काग्रेस पार्टी केन्द्र व प्रदेश दोनो में ही सत्ता में रही आखिर रायबरेली का विकास क्यों नहीं हुआ?
उन्होंने सवाल उठाया कि मेरठ का स्मार्ट सिटी का अधिकार छीनने का प्रयास क्यों? डा बाजपेयी ने कहा कि हमारा विरोध तर्को व तथ्यों पर आधारित है।
मुख्यमंत्री द्वारा भाजपा अध्यक्ष की तर्क संगत मांग को स्वीकार कर मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाए जाने हेतु केन्द्र सरकार को अनुशंसा करने तथा मेरठ शहर को विकास कार्यो के लिए 2 करोड़ की धनराशि की मांग को भी स्वीकृत करने, मेरठ मेट्रो की क्च्त् शीघ्र-तैयार कराने तथा एक जरूरत मंद बच्ची के इलाज के लिए 7 लाख की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है।
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