एच0बी0टी0आई0 कानपुर को विश्वविद्यालय बनाने हेतु अधिनियम तैयार कर सदन के अगले सत्र में प्रस्तुतीकरण किया जायः मुख्य सचिव


लखनऊ एवं झांसी विश्वविद्यालयों को ग्रेड-बी से ग्रेड-ए में उच्चीकृत कराने हेतु 
सभी आवश्यक कार्यवाहियां शीर्ष प्राथमिकता पर पूर्ण किये जाने के निर्देश:
hhhhhjhgलखनऊ:   उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने कहा है कि निर्माणाधीन इंजीनियरिंग काॅलेजों को आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रारम्भ कराने हेतु निदेशकों की नियुक्ति कर संस्थान में प्रारम्भिक पदों के सृजन हेतु सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त करने के कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर नगर इंजीनियरिंग काॅलेज के अवशेष निर्माण को माह दिसम्बर, 2015 तक एवं आजमगढ़ में निर्माणाधीन इंजीनियरिंग काॅलेज का निर्माण कार्य मार्च, 2016 तक हर हाल में पूर्ण कराकर हस्तांतरित कर दिया जाये ताकि शैक्षणिक कार्य समय से प्रारम्भ किया जा सके।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज यहां शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में प्राविधिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुये दिये। उन्होंने ने कहा कि हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिकी संस्थान (एच0बी0टी0आई0) कानपुर को विश्वविद्यालय बनाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुतीकरण किया जाय तथा साथ ही एच0बी0टी0आई0 को विश्वस्तरीय संस्थान के रूप में विकसित करने हेतु पाठ्यक्रम में नये कोर्सेज शामिल करने के साथ-साथ उच्च स्तरीय अध्यापकों की नियुक्ति की जाय। उन्होंने कहा कि ए0पी0जे0अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में सेण्टर आॅफ एक्सीलेंस के अन्तर्गत रिवर मैनेजमेंट एवं फ्लड मैनेजमेंट को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट सेण्टर का कार्य शीघ्र प्रारम्भ करा दिया जाये।
श्री रंजन ने कहा कि आई0टी0 से सम्बन्धित डिप्लोमा स्तरीय पाठ्यक्रमों में छात्र-छात्राओं के प्रवेश में लगातार आ रही गिरावट को दृष्टिगत रखते हुये पाॅलीटेक्निक काॅलेजों में उद्योगों की मांग के अनुसार रोजगारपरक बनाने एवं आई0टी0 क्षेत्र में हो रहे निरन्तर बदलाव के अनुसार नवीनतम टेक्नोलाॅजी जैसे क्लाउड कम्प्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी एण्ड एथिकल हैकिंग, आर्टीफिषियल इन्टेलीजेंस, साफ्टवेयर टेस्टिंग, वेब एप्लीकेषन इत्यादि को पाठ्यक्रमों में भी समावेशित किया जाये। उन्होंने कहा कि पाॅलीटेक्निक काॅलेजों में सेकेण्ड शिफ्ट बंद कराकर उनके स्थान इण्डस्ट्री की आवश्यकतानुसार उनके साथ पार्टनरशिप करके पार्ट टाइम स्किल डेवलपमेंट क्लासेज चलायी जायें। उन्होंने कहा कि पाॅलीटेक्निक पाठ्यक्रम को पुनरीक्षित करने हेतु आई0आई0टी0, कानपुर, आई0ई0टी0 लखनऊ एवं एन0आई0टी0टी0टी0आर0 चण्डीगढ़ के वरिष्ठ एवं क्षेत्र के अनुभवी षिक्षाविदों की सहायता भी ली जाये। उन्होंने उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम को निर्माणाधीन सभी पाॅलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग काॅलेज को जून, 2016 तक पूर्ण कराया जाने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुये कहा कि राजकीय महाविद्यालयों/अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को समयबद्ध रूप से भरने की कार्यवाही प्राथमिकता पर कराई जाये। उन्होंने कहा कि नवसृजित शिक्षकों के पदों को भरने हेतु लोक सेवा आयोग को तत्काल अधियाचन प्रेषित किया जाये, ताकि राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान के अन्तर्गत निर्माणाधीन 26 महाविद्यालयों को 01 जुलाई, 2016 से प्रारम्भ कराया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रवेश, परीक्षा प्रणाली, लाइबे्ररी तथा अन्य विभिन्न प्रशासनिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों को ई-गवर्नेन्स के माध्यम से संचालित किया जाये।
मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान के अन्तर्गत केन्द्र सरकार से 221.62 करोड़ रुपये की धनराशि शीघ्र प्राप्त करके राज्यांश सहित 340.15 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति अविलम्ब जारी की जाये। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं की गुणवत्ता सुधार की दृष्टि से नैक का क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ में खोले जाने हेतु पुनः मा0 मुख्यमंत्री जी की ओर से केन्द्र सरकार को अनुरोध पत्र भेजा जाये। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार हेतु परिवर्धन की कार्यवाही प्रभावी रूप से कराने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि लखनऊ एवं झांसी विश्वविद्यालयों को ग्रेड-बी से ग्रेड-ए में उच्चीकृत कराने हेतु सभी आवश्यक कार्यवाहियां शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करा ली जायें, ताकि नैक से मूल्यांकन के समय इन विश्वविद्यालयों को ग्रेड-ए प्राप्त हो सके।
बैठक में प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा श्रीमती मोनिका एस0 गर्ग तथा प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री जितेन्द्र कुमार सहित सम्बन्धित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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