लखनऊ. समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि उप्र में समाजवादी सरकार की लोकप्रियता विपक्ष विशेषकर भाजपा की आंखों में बुरी तरह खटक रही है। तरह तरह से दुष्प्रचार में असफल रहने पर अब संाप्रदायिकता और जातीय संघर्ष का सहारा लेकर प्रदेश को बदनाम करने का षड़यंत्र किया जा रहा है। कट्टरपंथी ताकतें मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के विकास के एजेन्डा में रोड़ा डालने में लग गई है। उन्हें यह भलीभांति पता है कि समाजवादी सरकार के रहते वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सकती है। इसलिए कहीं धार्मिक उन्माद भड़काकर तो कहीं अफवाहें फैलाकर उपद्रव कराने की वार दातें की जा रही है।
जिस तरह से एक साथ कन्नौज, बाॅदा, बलरामपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, बलिया और सिद्धार्थनगर में पथराव, आगजनी के साथ पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया गया है उससे लगता है कि प्रदेश में अराजकता फैलाने की सुनिश्चित और संगठित साजिश की जा रही है। त्योहारों के दौरान माहौल खराब करने वाले वही तत्व हैं जो इससे पूर्व मुजफ्फरनगर, कांठ, मेरठ, अयोध्या और मथुरा में माहौल बिगाड़ने का घिनौना काम कर चुके हैं पर जो शासन की सख्ती के कारण ज्यादा आग नही फैला पाए।
लोकसभा चुनाव के बाद से भाजपा-आरएसएस का अहंकार बहुत बढ़ गया है। लेकिन यहाॅ जनता में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रति गहरा विश्वास है और समाजवादी सरकार ने पंाच साल के चुनावी वायदे साढ़े तीन साल के अंदर ही पूरे कर समाज के सभी वर्गो का भरोसा हासिल किया है। उससे सांप्रदायिक तत्वों को अपनी दाल गलती नहीं दिखाई पड़ रही है। सामाजिक ताना बाना को तोड़ने की साजिश की है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रारम्भ से ही स्पष्ट कर रखा है कि वे सांप्रदायिक तत्वों को प्रदेश में सिर नहीं उठाने देंगे। जो प्रदेश को बदनाम करने और यहाॅ सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व मंे कृषि अर्थव्यवस्था और अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार कर समाजवादी सरकार प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इससे घबराये भाजपा और आरएसएस के लोग हर तरह से प्रदेश की प्रगति को कुंठित करना चाहते हैं। उनकी यह मंशा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रहते कभी पूरी नहीं हो सकती।
https://rashtriyadinmaan.com
