बैंक रिफॉर्म और वेतन के मुद्दे पर आंदोलन कर रही युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है।
सोमवार को इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ वार्ता विफल रहने पर यह निर्णय किया गया। हड़ताल के तहत 10-11 फरवरी को बैंकों में बंदी रहेगी।
यूबीएफयू के प्रवक्ता अनिल तिवारी ने बताया कि सोमवार को आईबीए के साथ पदाधिकारियों की वार्ता हुई। इसमें आईबीए की तरफ से वेतन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की पेशकश हुई।
इसे यूएफबीयू ने मानने से इन्कार कर दिया। पहले यह बढ़ोतरी पांच प्रतिशत थी जिसे पिछली वार्ता में 9.5 प्रतिशत कर दिया गया। इसे अब 0.5 प्रतिशत ही बढ़ाकर कर्मचारियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
पिछली बार वार्ता में इसे 18 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव था। इससे कम पर अब आईबीए सहमति बनाना चाह रहा है लेकिन यूएफबीयू राजी नहीं हुआ।
इस हड़ताल में अब दो दिन तक सूबे में 1600 और लखनऊ की 350 बैंक शाखाओं के कर्मचारी शामिल होंगे। इस दौरान कोई भी लेनदेन और ऑफिशियल काम नहीं होगा। इसमें निजी क्षेत्र के अलावा विदेशी उपक्रम की बैंक शाखाओं के कर्मचारी भी शामिल होंगे।
नेशनल कमेटी फॉर बैंक इंप्लाइज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य ताहिर अली के मुताबिक आईबीए कर्मचारियों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिखती। इसलिए दो दिवसीय हड़ताल का निर्णय सर्वसम्मति से किया गया है।
चार दिन रहेगी समस्या
दो दिवसीय यह हड़ताल सोमवार और मंगलवार को रहेगी। बैंकों में शनिवार और रविवार के चलते पहले ही दो दिन रोजमर्रा का काम बंद रहेगा। वहीं सोमवार और मंगलवार को हड़ताल के चलते बंदी रहेगी।
ऐसे में बैंकों में लगातार चार दिन तक लेनदेन और क्लियरेंस का काम नहीं हो सकेगा। कैश जमा करने, बैंक से रुपये निकालने और चेक क्लियरेंस में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, एटीएम सेवा से थोड़ी राहत मिलेगी।
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