सरकारों की लापरवाही से 100 करोड़ की योजना में 10 हजार करोड़ लगे—पीएम मोदी


प्रधानमंत्री ने सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण किया


लखनऊ| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बलरामपुर में सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण किया। यह देश की सबसे बड़ी परियोजना है। 6623.44 किमी लंबी इस परियोजना से बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती, सिद्घार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर व महाराजगंज के करीब 29 लाख किसान लाभांवित होंगे।इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं लंबे समय में सार्वजनिक जीवन में हूं। यह बेहद दुखद है कि देश के धन, समय और संसाधनों का दुरुपयोग होता है। 50 साल पहले शुरू हुई इस योजना की लागत 100 करोड़ रुपये थी पर आज इसे पूरा होने तक इसकी लागत 10 हजार करोड़ रुपये हो गई है। ये व्यर्थ हुआ धन और समय जनता का है। पहले की सरकारों की लापरवाही के कारण इस परियोजना की लागत 100 गुना ज्यादा बढ़ गई है।

‘हमारा काम परियोजनाओं को पूरा करवाना है’
पीएम मोदी ने इस मौके पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब मैं दिल्ली से आ रहा था तो सोच रहा था कि अभी कोई कहेगा कि इसका फीता तो उसने ही काट दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हो सकता है कि उन्होंने बचपन में ही इस परियोजना का फीता काट दिया हो… तो मैं उनसे कहना चाहूंगा कि उनका काम फीता काटना है और हमारा परियोजनाओं को पूरा कराना है। यह डबल इंजन की सरकार का कमाल है।

पांच दशक से ज्यादा काम पांच साल में हो गया है। इस परियोजना से किसानों के खेतों की प्यास बुझेगी और हमारी संस्कृति में कहा भी जाता है कि अगर किसी प्यासे को पानी पिला दिया तो बड़ा पुण्य होता है। यह परियोजना किसानों की बड़ी जरूरत को पूरा करेगी। यह दिखाता है कि अगर सरकार की सोच ईमानदार हो तो काम दमदार होता है। मोदी ने कहा कि पहले की सरकार माफियाओं को संरक्षण देती थी। अब उनके ऊपर बुलडोजर चल रहा है। पहले महिलाएं घर से बाहर निकलने से पहले सौ बार सोचती थीं पर अब अपराधी अपराध करने से पहले सौ बार सोचता है। अब अपराधी जेल में दुबक कर रहता है।

रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनपद बलरामपुर में रू0 9802 करोड़ की लागत की सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण किया गया। वही कार्यक्रम का श्रावस्ती जनपद के विकास खण्ड जमुनहा स्थित राप्ती मुख्य नहर बैराज पर एल0ई0डी0 के माध्यम से सजीव प्रसारण किया गया।
    प्रधानमंत्री  ने अपने सम्बोधन में कहा कि देश एवं प्रदेश के खुशहाली का रास्ता गांव से होकर जाता है, इसलिए गांव का किसान खुशहाल रहेगा तो निश्चित ही हमारे समाज के साथ-साथ प्रदेश एवं देश खुशहाल बनेगा। उन्होने कहा कि देश एवं प्रदेश की सरकार किसानों के उत्थान हेतु प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसान भाइयों के हित में तमाम योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होने कहा कि सन् 1972 में इस परियोजना का औपचारिक रूप से कार्य प्रारम्भ किया गया था। जिसमें पहले चरण में देवीपाटन मण्डल में इसे बनाया जाना था, सन् 1982 में इस कार्य को अन्य जनपदों में विस्तार देने के लिए सहमति बनायी गयी थी। तथा 2017 तक इस परियोजना में मात्र 52 प्रतिशत तक कार्य ही पूर्ण हो पाया था। उन्होने कहा कि 2015 में देश में ’’प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’’ लागू की गई। जिसमें देश के ऐसे प्रोजेक्ट जो देश के हित में है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए योजना बनायी तो उसमें सरयू नहर परियोजना को बनाया गया। उन्होने कहा पिछले साढ़े चार वर्षाे में समयबद्ध ढंग से इस कार्य को पूरा करते हुए शेष 48 प्रतिशत कार्य को पूरा किया गया है। इस परियोजना के पूरा हो जाने से निश्चित ही 09 जिलो के 30 लाख किसानों को सिंचाई सुविधा मुहैया होगी, और वह अपने खेतों में बेहतर सिंचाई करके अन्न उत्पादन में भी गुणात्मक सुधार आयेगा। 
      प्रधानमंत्री ने कहा कि सरयू नहर परियोजना उत्तर प्रदेश की ही नही बल्कि पूरे भारत देश की सबसे बड़ी परियोजना में से एक है। उन्होने कहा कि भारत देश कृषि प्रधान देश है। किसान भाईयों के लिए अनाज का बेहतर उत्पादन के लिए सिंचाई की महती आवश्यकता है, इस नहर के बन जाने से किसान भाइयों को अपने खेतों में सिचाई हेतु बेहतर सुविधा मिलेगी।
         इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजाद भारत की अब तक की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना सरयू नहर परियोजना का  प्रधानमंत्री द्वारा जनपद बलरामपुर के हसुआ डोल से राष्ट्र को समर्पित किया गया है। उन्होने बताया कि 9 जिलों (बहराइच, गोण्डा, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर, गोरखपुर व महाराजगंज) से होकर गुजरने वाली 318 किलोमीटर लंबाई की 9802 करोड़ की लागत से निर्मित आजाद भारत की अब तक की सबसे बड़ी परियोजना है। सरयू नहर परियोजना से साढ़े 14 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, इससे लगभग 30 लाख किसान लाभान्वित होंगे। उन्होने कहा कि किसानों की आय को दुगुना करने के लक्ष्य को इस परियोजना के संचालित होने से निश्चित ही लाभ मिलेगा।उन्होने कहा कि इस परियोजना के प्रारम्भ होने से किसानों के जीवन में खुशहाली आयेगी तथा उनके जीवन स्तर में परिवर्तन आयेगा।
        मुख्यमंत्री  ने कहा कि सरयू मुख्य नहर परियोजना देवीपाटन मण्डल के किसानों के लिये वरदान साबित होगी। उन्होने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आजाद भारत की सबसे बड़ी परियोजना का कार्य पूरा किया गया। सरयू नहर परियोजना के लिए घाघरा, राप्ती, बाणगंगा, सरयू व रोहिणी नदी को आपस में जोड़ा गया है।


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