
बलात्कारी गुरमीत के लिए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने जो सज़ा का ऐलान किया है वह 10 नहीं 20 साल है. यानी दो रेप की सज़ा 10 – 10 साल. सजा पर बहस पूरी होने के बाद बलात्कारी गुरमीत दया की भीख मांगने लगा था लेकिन बलात्कारी के लिए दंड संहिता में दया नहीं सज़ा का प्रावधान है लिहाज़ा बाबा अब तो जेल जाना पड़ेगा, जेल की रोटी खानी पड़ेगी.
दोनों सजा एक साथ नहीं चलेंगी. 376 और 506 की सजा एक के बाद एक साथ काटनी होगी. वहीं, इन दो केस में कोर्ट ने 15-15 लाख का जुर्माना लगाया. साथ ही दोनों रेप विक्टिम्स को 14-14 लाख रुपए हर्जाना देने को कहा है. बता दें कि 25 अगस्त को राम रहीम को साध्वी से रेप के केस में दोषी ठहराया था. इसके बाद हरियाणा-पंजाब समेत 5 राज्यों में डेरा समर्थकों ने हिंसा और आगजनी की थी. इन घटनाओं में अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है.
इस बलात्कारी की सज़ा की यह शुरूआत है, क्योंकि रेप केस की ख़बर छापने वाले ख़बरनवीस के मर्डर का मामले की सुनवाई सितंबर को होगी, अक्टूबर में 456 लोगों को नपुंसक बनाने के केस में फ़ैसला होना है, इस गुरमीत की संतई की सल्तनत लुट चुकी हो, चमत्कारी होना अच्छा हो न हो लेकिन बलात्कारी होना सभ्यसमाज के माथे पर नासूर होता है गुरमीत सिंह को दुनिया चमत्कार के लिए नहीं बलात्कार के लिए याद रखेगी…
गुरमीत सिंह चुनी हुई सरकार के समानांतर अपनी सत्ता चलाता था वहां से उसका खूटा उखाड़ कर फेंक दिया गया है. जहां बलात्कारी गुरमीत मानवीय गरिमा के ज्ञान बांचा करता था वहीं सन्नाटा है जहां लाखों का लंगर चला करता था वहां कोई पानी देने वाला नहीं है जहां फूलों की बारिश होती थी वहां पतझड़ पसर गया है. इस तरहे से इस गरीब देश के बाबा लोक से एक बाबा और अपनी दुर्गति को प्राप्त हुआ…दरअसल, फ़ैसला समझने में भ्रम हो गया था कि बाबा का कारावाल दस बरस का है, लेकिन नहीं यह सीबीआई की विशेष अदालत थी 10 नहीं 20 बरस की सज़ा है जो 10 10 करके दो बलात्कार के लिए 2 बार में भोगनी होगी. इस लीलाधर के लीला की इतिश्री है यह सज़ा, बाबा की गाठा में अभी सितंबर और अक्टूबर आना बाकी है अभी और सज़ा बाकी है…
https://rashtriyadinmaan.com
