
lucknow | पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज़िला बिजनौर और उसके आसपास के इलाक़ों में बनी 2 हज़ार मस्जिदें और मदरसे ख़ुफ़िया एजेंसियों के राडार पर हैं. एजेंसियां यह पता करने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इन मस्जिद और मदरसों में कोई ग़ैर क़ानूनी गतिविधि तो नहीं चल रही.
चूंकि यूपी एटीएस ने गुरुवार को जिन संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है, उनमें से कुछ लोग मदरसे से पढ़े हुए हैं, इसलिए पुलिस और ख़ुफिया एजेंसियों का ध्यान अब मदरसों की तरफ बढ़ गया है.
एजेंसियों ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय से इन मस्जिद-मदरसों का आंकड़ा भी इकट्ठा किया है. आंकड़ों के मुताबिक कुल मदरसों की संख्या 500 है. इनमें से 15 मदरसों में डिग्री लेवल की पढ़ाई होती है और जबकि 55 हाई स्कूल लेवल के हैं. इसके अलावा इन्हीं इलाक़ों की 1500 मस्जिदें भी पुलिस के राडार पर हैं.
बिजनौर पुलिस के एसपी अजय साहनी ने कहा है कि बिजनौर और आसपास के इलाक़ों के मस्जिद-मदरसों की ख़ास निगरानी की जाएगी. इसका भी ध्यान रखा जाएगा कि यहां बाहर से कौन-कौन लोग आते हैं. साहनी के कहा है कि हम मुस्लिम समाज और सिविल सोसायटी के ज़िम्मेदार लोगों ने मिलकर इन शैक्षणिक संस्थानों में जाएंगे और जवानों को जागरूक बनाएंगे ताकि किसी भी तरह को अतिवाद की राह पर ना बढ़ें.
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