
लखनऊ | कानपुर में आठ पुलिसवालों की हत्या का आरोपी विकास दुबे वारदात के चार दिन बाद भी फरार है. चालीस थानों की पुलिस विकास की तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग़ नहीं है. इस मामले में कई पुलिसवाले भी शुरू से ही संदेह के घेरे में हैं. इन पुलिस वालों पर विकास दुबे के लिए जासूसी करने का आरोप लग रहा है. ड्यूटी पर लापरवाही के आरोप में अब चौबेपुर थाने में तैनात दो सब इंस्पेक्टर, एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. चौबेपुर के थाना इंचार्ज विनय तिवारी को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है.
मुठभेड़ के बाद गिरफ़्तार विकास के साथियों ने भी इस बात की तस्दीक की है कि मुठभेड़ से ठीक पहले विकास के पास पुलिस का फोन आया था, जिसमें उसे रेड की जानकारी दी गई थी. कई पुलिसवालों से इस सिलसिले में पूछताछ हो रही है और उनके कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी. ने बताया कि निलंबित होने वालों में उप निरीक्षकों – कुंवरपाल, तथा कृष्ण कुमार शर्मा और कांस्टेबल राजीव हैं. ये सभी चौबेपुर थाने में तैनात थे. तीनों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और अगर जांच के दौरान उनकी भूमिका या साजिश सामने आयी तो उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि तीनों पुलिसकर्मी चौबेपुर के थाना प्रभारी विनय तिवारी के साथ विकास दुबे के घर बुधवार को गए थे.
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