हंगामा करने वाले 45 सांसद लोकसभा से दो दिन के लिए निलंबित


लोकसभा अध्यक्ष ने एक दिन पहले कार्यवाही के दौरान बुधवार को नारेबाजी और हंगामा करने वाले अन्नाद्रमुक के 24 सदस्यों को पांच दिन के लिए निलंबित किया था। लोकसभा की कार्यवाही 8 जनवरी तक चलेगी। इस तरह दो दिन में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कुल 45 सांसदों को निलंबित किया। लगातार दूसरे दिन इतनी संख्या में सांसदों को निलंबित करने का यह रिकॉर्ड है। गुरुवार को चार दिन के लिए निलंबित सांसदों में टीडीपी के 14 और अन्नाद्रमुक के 7 सांसद शामिल हैं।

 

-लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार को शुरू होने के बाद टीडीपी और अन्नाद्रमुक के सदस्य आसन के करीब आकर नारेबाजी करने लगे थे। कई सदस्यों ने कागज फाड़कर भी उछाले। इसके बाद सदन कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

-दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा करने वाले सांसद नहीं माने तो 14 सांसदों (टीडीपी के 12 व अन्नाद्रमुक के 7) को निलंबित कर कार्यवाही स्थगित की गई। पर वे सदस्य वहीं धरने पर बैठ गए।

-दोपहर दो बजे कार्यवाही पुन: शुरु होने पर हंगामा करने वाले सांसदों को लोकसभा अध्यक्ष ने चेतावनी दी। इसके बाद उन्होंने टीडीपी के दो और सदस्यों चार दिन के लिए निलंबित कर दिया।

 

अगस्त 2015 में कांग्रेस के 25 सदस्यों को काली पट्टी बांधने एवं कार्यवाही बाधित करने पर निलंबित किया था।
फरवरी 2014 में लोकसभा के शीतकाल सत्र में 17 सांसदों को 374 (ए) के तहत निलंबित किया गया था।
अगस्त 2013 में मानसून सत्र के दौरान कार्यवाही में रुकावट पैदा करने के लिए 12 सांसदों को निलंबित किया था।
वर्ष 1989 में राजीव गांधी सरकार के दौरान विपक्ष के 63 सांसदों को हंगामा करने पर निलंबित किया गया था।


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