84 के सिख विरोधी दंगों की होगी एसआईटी जांच


लोकसभा चुनावों से पहले तेज होती सियासत के बीच दिल्ली सरकार ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की एसआईटी (विशेष जांच दल) से जांच कराने का फैसला किया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एसआईटी के गठन के संबंध में बुधवार को उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात कर चर्चा की। बाद में केजरीवाल ने कहा कि जल्द ही कैबिनेट एसआईटी के गठन और कार्यक्षेत्र तय करेगी।

केजरीवाल के इस कदम का दंगा पीड़ितों के साथ ही शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने समर्थन किया है। वहीं, फैसले से असहज दिख रही कांग्रेस ने कहा है कि वह दंगों की किसी भी जांच का विरोध नहीं करती है।

केजरीवाल सरकार ने यह फैसला कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उस बयान के दो दिन बाद किया है, जिसमें उन्होंने दंगों में कुछ कांग्रेसियों के शामिल होने की बात तो मानी थी, लेकिन दंगा पीड़ितों से माफी मांगने से इनकार कर दिया था। दिल्ली सरकार के इस फैसले से कांग्रेस और आप के बीच खटास बढ़ने की भी संभावना है।

केजरीवाल ने बाद में बताया कि मैंने 1984 दंगे की जांच एसआईटी से कराने के लिए उपराज्यपाल से मुलाकात की है। इस मुद्दे पर उपराज्यपाल का रुख सकारात्मक रहा।

एसआईटी से जांच का मुद्दा हमारे घोषणापत्र का हिस्सा भी था। एसआईटी के संगठनात्मक ढांचे और कार्यक्षेत्र का फैसला जल्द ही कैबिनेट में तय किया जाएगा।

मालूम हो कि राहुल गांधी ने दो दिन पहले एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि संभव है कि सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस के कुछ लोग शामिल रहे हों, लेकिन इस मामले में कानून अपना काम करेगा।


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