नई दिल्ली. कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने सोमवार को संसद परिसर में चौंकाने वाला बयान दिया। राहुल ने कहा, ‘मुझे असम के बरपेटा सत्र मंदिर में आरएसएस के लोगों ने अंदर जाने से रोका। वो कौन होते हैं मुझे रोकने वाले?’ हालांकि, मंदिर प्रमुख बशिष्ठ शर्मा ने ऐसी किसी बात से इनकार किया है। दूसरी ओर, असम के मिनिस्टर और कांग्रेस लीडर चंदन कुमार ने कहा है कि राहुल के पास धोती पहनने का वक्त नहीं था, इसलिए वह उस वक्त मंदिर में नहीं जा पाए थे। बता दें कि राहुल बीते शनिवार बरपेटा मंदिर गए थे।
और क्या कहा राहुल ने?
-” बरपेटा में महिलाओं को आगे करके मेरा विरोध किया गया। शाम को विरोध करने वाली महिलाएं जब हट गईं तो मैं मंदिर में गया।”
मंदिर प्रमुख ने किया इनकार
– बरपेटा सत्र मंदिर के प्रमुख बशिष्ठ शर्मा ने कहा- मैं इससे इनकार करता हूं कि शनिवार को मंदिर में राहुल का कोई विरोध हुआ था। उनको रिसीव करने के लिए मैं खुद करीब चार घंटे तक मंदिर के गेट पर रहा।
– शर्मा ने कहा- पूर्व सीएम भूमिधर बर्मन और कई सीनियर कांग्रेस लीडर भी मेरे साथ वहां थे। सभी ने राहुल के आने का इंतजार किया था।
धोती नहीं पहनना चाहते थे राहुल, इसलिए उस वक्त नहीं जा पाए मंदिर : मंत्री
– असम के मिनिस्टर चंदन कुमार सरकार ने मंदिर जाने से रोकने वाले राहुल गांधी के बयान के उलट बयान दिया है।
– चंदन सरकार का कहना है कि राहुल गांधी के पास मंदिर में जाने से पहले धोती पहनने का टाइम नहीं था, इसलिए वह उस वक्त मंदिर में नहीं जा पाए।
– मंत्री ने बताया कि राहुल के पास इतना समय नहीं था कि वह मंदिर के नियमों को फॉलो करते।
1583 में बना था बरपेटा मंदिर
-असम का बरपेटा सत्र मंदिर 1583 में वैष्णव संत माधवदेव ने बनवाया था। पहले इसे बरपेटा थान कहा जाता था।
-यह मंदिर कई सालों तक कच्चा ही रहा। बाद में 1878 में इसे पक्का किया गया।
आरोप साबित करें या माफी मांगें राहुल : आरएसएस
– राहुल के आरोप पर आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने ट्वीट करके कहा, ‘राहुल गांधी आरएसएस पर गलत आरोप लगाने के लिए माफी मांगें या साबित करे कि आरोप सही हैं। वे देश में आरएसएस के खिलाफ इन्टॉलरेंस का माहौल बना रहे हैं।’
– सिन्हा ने यह भी कहा कि राहुल नेशनल हेराल्ड केस से ध्यान हटाने के लिए यह सब कह रहे हैं।
– दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने राहुल के बयान पर कहा- आरएसएस मंदिर चलाती है क्या? गलत प्रचार करना, लोगों को मिसलीड करना उनकी आदत बन गई है।
– दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने राहुल के बयान पर कहा- आरएसएस मंदिर चलाती है क्या? गलत प्रचार करना, लोगों को मिसलीड करना उनकी आदत बन गई है।
सैलजा ने कहा था- मुझसे मंदिर में जाति पूछी
– 30 नवंबर को सैलजा ने राज्यसभा में कहा था कि कैबिनेट मंत्री रहने के दौरान जब वह गुजरात के द्वारका मंदिर गई थीं तो वहां उनसे जाति पूछी गई थी। यह कहते हुए सैलजा काफी भावुक हो गई थीं।
– उनके इस बयान को लेकर सदन में हंगामा हुआ था।
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