लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों को सख्त निर्देश दिये हैं कि सड़कों पर गन्दगी दिखने पर सम्बन्धित कर्मियों की जिम्मेदारी नियत कर सम्बन्धित कर्मियों के विरुद्ध उपयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समस्त महानगरों सहित शहरों में भी बेहतर सफाई व्यवस्था प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि समस्त नगर निगमों में साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के अन्तर्गत प्रोसेसिंग प्लाण्ट स्थापित कराने हेतु शासकीय उपयुक्त जमीन उपलब्ध न होने की स्थिति पर सम्बन्धित जिलाधिकारी से प्रमाण पत्र प्राप्त कर आवश्यक उपयुक्त जमीन क्रय करने की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाये।
उन्होंने लखनऊ में निर्माणाधीन प्रोसेसिंग प्लाण्ट को वर्तमान माह जनवरी, 2016 के अंत तक पूर्ण क्षमता के साथ संचालित कराने, अलीगढ़ एवं मुरादाबाद में साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजनाओं को संचालित करने हेतु बिजनेस प्लान यथाशीघ्र तैयार किये जाने के निर्देश दिये। उन्होनंे नगर आयुक्त झांसी द्वारा आर0ओ0युक्त हैण्डपम्प जीवनधारा के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की कार्य योजना की सराहना करते हुये कहा कि अन्य नगर आयुक्तों को भी अपने महानगरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यकतानुसार कार्य योजना संचालित करने की पहल करनी चाहिये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में नगर विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने नगर आयुक्तों को यह भी निर्देश दिये कि अपने शहरों में स्वच्छता अभियान चलाकर प्रत्येक वार्ड में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराने की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा जेएनएनयूआरएम कार्यक्रम के अन्तर्गत कानपुर पेयजल एवं सीवरेज परियोजना के अन्तर्गत रक्षा विभाग की भूमि पर पाइप लाइन बिछाने तथा वाराणसी पेयजल परियोजना के अन्तर्गत एन0एच0ए0आई0 की आवश्यक अनुमति हेतु कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित कराने हेतु सम्बन्धित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों से अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि महानगरों के साथ-साथ नगर पालिका परिषदों भदोही, गोपीगंज, ज्ञानपुर, नई बाजार तथा सुर्यावां क्लस्टर (जनपद संत रविदास नगर), नजीबाबाद, जलालाबाद एवं सानपुर क्लस्टर (जनपद बिजनौर) में अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत करायी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्नाव नगर पालिका परिषद द्वारा लगभग 08 एकड़ भूमि तथा ललितपुर नगर पालिका परिषद द्वारा साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट हेतु 10 एकड़ भूमि की व्यवस्था करायी जा चुकी हैै।
श्री रंजन ने नगरीय पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि 11 परियोजनाओं में से ऐसी 08 परियोजनाओं, जिनमें 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण कराया जा चुका है, अवशेष कार्यों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2015-16 में ही पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने जिला योजना के अन्तर्गत नगरीय पेयजल हेतु 2735 नये हैण्डपम्पों को लगाये जाने तथा 2961 हैण्डपम्प रिबोर कराये जाने के फलस्वरूप यह निर्देश दिये कि आवश्यकतानुसार नये हैण्डपम्प लगाने तथा खराब हैण्डपम्पों को रिबोर कराने की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाये।
मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण के अन्तर्गत इलाहाबाद की 02 परियोजनाओं में सीवरेज एवं नान सीवरेज का कार्य यथाशीघ्र तथा इलाहाबाद के सलोरी एस0टी0पी0योजना को जून-2016, मुरादाबाद की योजना को दिसम्बर-2016 तथा कन्नौज की योजना को मार्च-2016, वाराणसी नगर की परियोजना को जून-2017 तक पूर्ण कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अनूप शहर, बिठूर एवं इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट-बी योजनाओं की निविदा प्रक्रिया नियमानुसार यथाशीघ्र पूर्ण कराते हुये इन परियोजनाओं को क्रमशः अप्रैल 2016 एवं दिसम्बर 2018 तक अवश्य पूर्ण करा लिया जाये।
निराश्रित लोगों को शीतलहर से बचाने हेतु शहरों में किये गये अलाव एवं रैन बसेरा की जानकारी प्राप्त करते हुये श्री रंजन ने निर्देश दिये कि सम्बन्धित विभागीय अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर यह व्यवस्था सुनिश्चित करायें कि निराश्रित लोगों को शीतलहर के बचाव हेतु की जा रही व्यवस्था का लाभ अवश्य मिले।
नगर आयुक्त झांसी ने बताया कि जीवनधारा योजना के अन्तर्गत नगर वासियों को वैक्टीरिया वायरस एवं रसायनिक प्रदूषण मुक्त पानी हैण्डपम्प से पेयजल हेतु उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना से सभी पम्पों का परिचालन डाटा आॅनलाइन उपलब्ध होने के साथ-साथ सस्ता रख-रखाव एवं बिजली की कोई आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि लगभग 1.5 लाख लीटर पानी फिल्टर करने के बाद फिल्टर में सामान्य बदलाव कराने के उपरान्त 100 लोग एक वर्ष तक प्रदूषणमुक्त पेयजल प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह अनोखा फिल्टर मौजूदा हैण्डपम्प के बगल में आसानी से स्थापित कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस अनोखे फिल्टर से 10 पैसे प्रतिलीटर से भी सस्ती दर पेयजल उपलब्ध होगा, कोई अन्य व्यावसायिक रूप से उपलब्ध इकाई इतनी बड़ी मात्रा एवं इतनी सस्ती दरों में पानी फिल्टर नहीं करता।
बैठक में सचिव नगर विकास श्री एस0पी0सिंह, विशेष सचिव वित्त श्री राजीव श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं समस्त नगर निगमों के नगर आयुक्त भी उपस्थित थे।
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