लखनऊ. राजधानी के विकास के लिए राज्य सरकार का नया मास्टर प्लान 2031 की तैयारी पूरी हो चुकी है। नगर नियोजन विभाग ने इसकी कॉपी एलडीए को देदी है। मास्टर प्लान में आवासीय क्षेत्रफल 20578.80 हेक्टेयर से बढ़ाकर 30750.12 हेक्टेयर कर दिया गया है। प्राधिकरण के कुल क्षेत्रफल की 48.06 प्रतिशत भूमि का भू-उपयोग आवासीय कर दिया गया है। इससे लोगों को ज्यादा से ज्यादा मकान और फ्लैट मिल सकेंगे। शहर के 2031 तक के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए प्राधिकरण ने यह मास्टर प्लान तैयार कराया है।
इस मास्टर प्लान में नए विस्तारित क्षेत्र के 197 गांवों को भी शामिल किया गया है। मास्टर प्लान में टाउन प्लानिंग विभाग ने जमीनों का भू-उपयोग भी निर्धारित कर दिया है। यानी 63986.73 हेक्टेयर के लिए प्राधिकरण ने यह मास्टर प्लान तैयार किया है। इसमें से 1991.18 हेक्टेयर भूमि को कमर्शियल ऊज़ के लिए निर्धारित किया गया है। एलडीए के मुख्य नगर नियोजक जेएन रेड्डी ने सभी अधिशासी अभियन्ताओं को इसकी कॉपियां भेजकर सम्बंधित इलाकों का दोबारा सर्वे करने को कहा है।
यह है मास्टर प्लान 2031 में शामिल प्रस्ताव
-चार स्थानों पर पार्किग बनाने का प्रस्ताव किया गया है। ऐशबाग रेलवे स्टेशन के सामने बंद बर्फ कारखाना, जनपथ मार्केट, आईटी चौराहे के पास तथा� गोमतीनदी के किनारे बैकुण्ठ धाम के पास पार्किग बनायी जाएगी।
-मास्टर प्लान में उन सभी स्थलों को शहर से बहार रखा गया है जहां प्रदर्शनी, मेला व सम्मलेन का आयोजन होता है। इसके लिए बिजनौर मार्ग पर, सीतापुर हरदोई बाईपास पर शारदानहर व जिला कारागार के मध्य की जमीन को आरक्षित भी करा गया है। इससे शहरवासियों को भारी भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा साथ ही जाम से निजात मिलेगी।
-राजधानी से बाहर जाने वाले लगभग सभी मार्गो पर बस अड्डे के निर्माण का प्रस्ताव किया गया है। कुर्सी रोड, मोहान रोड, बनी मार्ग, सीतापुर मार्ग, फैजबाद मार्ग, रायबरेली मार्ग तथा सुल्तानपुर रोड पर बस अड्डे के निर्माण के लिए 229.78 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित की गई है।
-राजधानी में पांच नए वाटर वर्क प्लांट का प्रस्ताव रखा गया है। इसे मोहान रोड, रैथामार्ग, फैजाबाद रोड, देवा मार्ग, इन्दिरा कैनाल के पास बनाया जाएगा। इसके लिए 260.96 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है।
-तीन नए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण का भी प्रस्ताव है। इसे कुर्सी रोड, रैथामार्ग, तथा देवा मार्ग पर बनाने के लिए जगह आरक्षित की गई है।
-नए मास्टर प्लान में जिलाधिकारी, उच्च न्यायालय व मण्डलायुक्त के कार्यालय को भी सुरक्षा जोन में शामिल कर लिया गया है।बतादें मौजूदा समय में विधान भवन, राजभवन, मुख्यमंत्री आवास व इसके आस पास की वीआईपी बिल्डिंग को ही सुरक्षा जोन घोषित किया गया था। साथ ही सुरक्षा जोन में सात मीटर यानी लगभग दो मंजिल से ज्यादा ऊंची बिल्डिंग नहीं बन पाएगी।
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