बेंगलुरु: दिल्ली के ईस्ट और नॉर्थ नगर निगमों के कर्मचारियों की जनवरी तक की तनख्वाह का इंतज़ाम दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कर दिया है। बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने ऐलान किया कि ईस्ट और नॉर्थ नगर निगम को 693 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एमसीडी का दिल्ली सरकार पर एक भी पैसा बकाया नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एमसीडी में बड़ा घोटाला हुआ है, इसलिए वो अपने खातों की जांच कराने को तैयार नहीं होते हैं।
केजरीवाल का आरोप है कि एमसीडी के बहाने केंद्र की मोदी सरकार अरुणाचल की तरह राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि-
- दिल्ली में एमसीडी में ताला लग गया है।
- एमसीडी के कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिली है।
- दिल्ली में एमसीडी के स्कूल, हॉस्पिटल बंद हैं।
- जल बोर्ड ने कूड़ा हटाने की कोशिश की।
- कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं मिलेगी तो खर्चा कैसे चलेगा।
- कर्मियों को कई-कई महीने से वेतन नहीं मिला।
- ऐसी बातें फैलाई जा रही हैं, जैसे दिल्ली सरकार ने वेतन नहीं दिया हो।
- MCD को दिल्ली सरकार की तरफ से कोई रकम देना बकाया नहीं।
- 2012-13 में NDMC को 526 करोड़ मिले, 2013-14 में 556 करोड़, और 2014-15 में 545 करोड़ मिले।
- 2015-16 में NDMC को 893 करोड़ रुपये मिले, कहां गया सारा पैसा…?
- दिल्ली में बीजेपी-शासित स्थानीय निकाय कर रहे हैं पैसों की चोरी।
- हमने एक पैसा लोन की रिकवरी नहीं की।
- जो पैसा दे रहे हैं वो पैसा कहां गया?
- हमने एमसीडी के अकाउंट को देखने के लिए डिविजनल कमिश्नर को अकाउंट की जांच के लिए भेजा, लेकिन उन्होंने कहा हम दिल्ली सरकार को अकाउंट नहीं दिखा सकते हैं।
- हाउस टैक्स का पैसा कहां गया।
- पार्किंग का पैसा कहां गया।
- टोलटैक्स का पैसा कहां गया।
- एमसीडी को क्यों जांच से डर लग रहा है?
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