लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने सैकड़ो करोड़ के घोटाले के आरोपी यादव सिंह की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नोयडा घोटाले के मुख्य अभियुक्त श्री यादव सिंह को आखिर सी0बी0आई0 ने गिरफ्तार कर ही लिया। सैकड़ों करोड़ रूपये के घोटाले का अभियुक्त जिसको नोयडा प्राधिकरण के वर्तमान सी0ई0ओ0 से लेकर नीचे तक के अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त था और समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के कार्यकाल से यह बड़ा घोटाला बेनकाब होने की तरफ बढ़ा हैं।
डा0 बाजपेयी ने बताया कि आयकर (प्रवर्तन निदेशालय) विभाग द्वारा की गई जांच के परिणाम और सी0बी0आई0 द्वारा उसमें परीक्षण करने के बाद हुए गिरफ्तारी स्वागत करने योग्य है।
यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि अभी सेवानिवृत्त हुए डी0जी0पी0 जगमोहन यादव ने डी0जी0, सी0बी0सी0आई0डी0 रहते हुए यादव सिंह को क्लीनचिट देने का कार्य किया था। इसके अतिरिक्त लोकायुक्त, श्री एन0के0 महरोत्रा ने अपनी लोकायुक्त जांच में भी क्लीनचिट दिया था। यह दोनों क्लीनचिटें बिना सपा सरकार के दबाव के सम्भव नहीं थी।
वर्तमान सी0ई0ओ0 नोयडा श्री रमारमण और उनके एडिषनल सी0ई0ओ0 राजेष यादव ने मिलकर एक डिप्लोमा होल्डर को चीफ इंजीनियर और प्रमुख अभियन्ता बनाने का अवैधानिक कार्य किया जो सत्ता के दबाव के बिना सम्भव नहीं था।
सपा, बसपा और वर्तमान नोयडा प्राधिकरण के अधिकारी इस दोष में दंड के भागी होने चाहिए।
नोयडा प्राधिकरण जिसका गठन सस्ते और अच्छे आवास और रोजगार का हब बनाने के लिए गिया गया था उसको घोटालों का हब और गरीबों का आवास छीनने का कार्य किया गया जिसके जिम्मेदार यह लोग हैं।
उचित होगा सी0बी0आई0 हाई कोर्ट, इलाहाबाद के आदेष के अनुसार श्री यादव सिंह को राजनीतिक संरक्षण दाताओं को भी जांच की परिधि में लाने की कार्यवाही करें।
यहाँ यह उल्लेख करना है कि भारतीय जनता पार्टी ने सबसे पहले इस विषय पर पहल की थी और पार्टी के मा0सांसदों एवं विधायकों ने नोयडा में जाकर ऐतिहासिक प्रदर्शन भाी किया था।
भारतीय जनता पार्टी यादव सिंह की गिरफ्तारी को एक महत्वपूर्ण कदम मानती है और क्लीनचिट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करती है।
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