लखनऊ: प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा आज पेश किये गये आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 निर्मल खत्री, पूर्व सांसद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले चार वर्षों से सर्वाधिक बड़ा बजट बनाया लेकिन किसान वर्ष होने के बावजूद किसानों की स्थिति में सुधार के लिए कोई खास कार्यक्रम नहीं है। प्रदेश के बुन्देलखण्ड एवं पूर्वांचल के सूखा एवं ओलावृष्टि से हुए किसानों के नुकसान एवं उनकी दुर्दशा को देखते हुए प्रदेश सरकार की घोषणा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
डॉ0 खत्री ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी के चलते नौजवानों के लिए इस बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं है। इसके पूर्व प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार द्वारा जो पिछला बजट पेश किया गया था उस बजट में प्रावधानित अधिकांश धनराशियों में सिर्फ बंदरबांट हुई है। यदि सरकार प्रदेश के विकास के लिए गंभीर होती तो इतने बड़े बजट के बजाय कम समयसीमा में पूर्ण होने वाले कार्यों की घोषणा करती। किन्तु अब सरकार के पास समय बहुत कम बचा है ऐसे में यह बजट सिर्फ सरकार का आगामी विधानसभा चुनाव का घोषणा पत्र प्रतीत होता है, जिसका आम जनता और प्रदेश के विकास की वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई सरोकार नहीं है। डॉ0 खत्री ने बजट को जनविरोधी, नौजवान विरोधी एवं किसान विरोधी करार दिया है।
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