
नई दिल्ली। देश के गृह राज्य मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को दो दिन के कश्मीर दौरे से वापस आ गए है। राजनाथ सिंह पीएम मोदी को जल्द ही कश्मीर के हालातों के बारे में रिपोर्ट देंगे। लेकिन जो खबर आ रही है वह पैलेट गन को लेकर है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि आने वाले दिनों में पैलेट गन की जगह PAVA शेल्स का इस्तेमाल किया जाएगा।
कश्मीर में कर्फ्यू लगे 49 दिन बीत चुके हैं। कश्मीर घाटी में पिछले 49 दिनों से जारी हिंसा में पत्थरबाजी और प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबल पैलेट गन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये छोटे-छोटे धातु के छर्रे होते हैं, जो शरीर में जाकर चुभ जाते हैं। इस ओर विवाद तब गहराया जब पैलेट गन से घायल कई लोगों के आंखों की रोशनी तक खोने की बात सामने आई।
अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की खबर के मुताबिक, गृह मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी मिर्ची के गोलों को धातु के छर्रे के विकल्प के तौर पर देख रही है। हालांकि अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकारी सूत्रों के हवाले से अखबार ने लिखा है कि गृह मंत्रालय के कुछ अधिकारियों, बीएसफ, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईआईटी-दिल्ली और ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के 7 सदस्यों वाली कमेटी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विकल्प की तलाश रही है।
https://rashtriyadinmaan.com
