
लखनऊ । मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी की राज्य संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश यादव की नाराजगी के बाद भी आज माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय हो गया। समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय की घोषणा की। शिवपाल ने कौमी एकता दल का सपा में विलय पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की सहमति से किया है।
शिवपाल सिंह यादव ने मीडिया को बताया कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की अनुमति के बाद कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय हो चुका है।
इसमें अखिलेश यादव की भी सहमति है। शिवपाल ने कहा कि इस सबंध में पहले से सियासी बातचीत चल रही थी। आज नेताजी (मुलायम सिंह यादव ) के आदेश के बाद विलय की प्रक्रिया पूरी की गई। अब दोनों दलों का विलय हो चुका है।
बीते दिनों समाजवादी पार्टी में मचे घमासान की एक वजह कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय की भी थी। चाचा शिवपाल सिंह यादव और भतीजे अखिलेश यादव के रिश्तों में आई कड़वाहट की वजह कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय ही था। जब शिवपाल यादव ने जून में कौमी एकता दल का विलय समाजवादी पार्टी में करवाया तो सीएम अखिलेश यादव ने अपनी नाराजगी मुलायम सिंह यादव के करीबी बलराम यादव को कैबिनेट से बर्खास्त कर जताई।
उस समय कहा गया था कि बलराम यादव ने कौमी एकता दल के विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं अखिलेश यादव ने साफ कह दिया था कि वह पार्टी में किसी दागी चेहरे की एंट्री बर्दाश्त नहीं करेंगे। अखिलेश की इस नाराजगी के बाद मुलायम सिंह यादव ने 28 जून को लखनऊ में पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक बुलाई और कौमी एकता दल के विलय को निरस्त कर दिया। इसके बाद ही बलराम यादव की दोबारा कैबिनेट में वापसी हो सकी।
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