
इलाहाबाद. बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नोटबंदी को लेकर केंद्र में अपनी ही सरकार के काम – काज पर सवालिया निशान खड़े करते हुए बैंको व एटीएम के चक्कर काटने वाले लोगों से हमदर्दी जताई है. उन्होंने साफ़ तौर पर कहा है कि लोगों को परेशान होने से बचाया जा सकता था. स्वामी ने दो हजार रूपये के नोट की साइज को लेकर भी नाराज़गी जताई है और सरकार से कहा है कि उसे नोटबंदी से परेशान लोगों को मीठी गोली देते हुए इनकम टैक्स को पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए.
उनके मुताबिक़ वित्त मंत्रालय ने इस बारे में ठीक से काम नहीं किया. ढाई साल की सरकार के ठीक होमवर्क न होने की वजह से लोगों को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है. स्वामी का आरोप है कि वित्त मंत्रालय में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के तीन बेहद ख़ास अफसर अब भी अहम ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं. हो सकता है ये सारी गड़बड़ी उन्होंने ही जानबूझकर की हो. ऐसे अफसरों को फ़ौरन इन पदों से हटा देना चाहिए.
इलाहाबाद में वीएचपी के दिवंगत नेता अशोक सिंहल की बरसी पर हुए एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए सुब्रह्मण्यम स्वामी ने वित्त मंत्रालय पर तो निशाना साधा, लेकिन पीएम नरेन्द्र मोदी का बचाव किया.
उनके मुताबिक़ इस तरह की गलतियां दूर करने की ज़िम्मेदारी मंत्रालय की होती है न कि पीएम की. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी के फैसले से कुछ बेहतर नतीजे भी देखने को मिल रहे हैं. आतंकवादियों की फंडिंग कुछ दिनों के लिए बंद हो गई है.
इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा और कहा कि काले धन की शुरुआत देश के पहले पीएम पंडित नेहरू के समय में ही उनकी गलत नीतियों की वजह से हो गई थी. बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक अहम जानकारी देते हुए बताया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण विवाद की पहली सुनवाई शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई, लेकिन दो जजों की डिवीजन बेंच में से एक जज द्वारा खुद को सुनवाई से अलग कर लिए जाने की वजह से सुनवाई शुरू नहीं हो सकी.
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